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30 Apr 2017

लम्बी उम्र के जीने लिए फिट और फाइन कैसे रहें

कुछ ऐसे भी महान व्यक्ति इस दुनियाँ आये और गए जिनके बारे में अपने सुना होगा पढ़ा होगा, कि उनका जीवन काल काफी दिन तक रहा वो बाकियों की मुकाबले ज़्यादा दिन जिए यहां तक सौ साल से ज़्यादा भी, उनकी लाइफ बहुत ही फिट थी, और दुनिया में एक अलग पहचान थी, कुछ लोग मिसाल बन कर आज भी जी रहे हैं, वो काफी शांत रहते हैं, किसी से बातें करते हैं, तो ऐसा लगता है, उनमें कुछ तो बात है जिससे लोग इम्प्रेस हो जाते हैं, पर कैसे? क्या वे गॉड गिफ़्टेड हैं या कुछ और! दोस्तों ऐसी कोई बात नहीं वे भी हम जैसे नार्मल व्यक्ति हैं बस उन्होंने अपनी Life Systematic ढंग से जिया.!

Healthy-good-lifestyle-being-youngदोस्तों आइये जानते हैं कुछ टिप्स जिन्हें जीवन में फॉलो कर सुखी रह सकतें है .! 

हर व्यक्ति लम्बी उम्र, Healthy lifestyle और Happy रहना चाहता है अगर Healthy और Long life जीना है तो कुछ महत्वपूर्ण नियमों को जानिए और अपनी Life में फॉलो ज़रूर करें!

सुबह जल्दी उठना योग Exercise करना, मन शांत रखना:- Good Behaviour भाई चारा, ईमानदारी ये सारे अच्छे स्वभाव मनुष्य को Long life जीने में बहुत ही मदद गार साबित होते हैं क्योकि योग मनुष्य को आत्म ज्ञान से परिचय कराती है, मन को शांत एवं करुणा मयी बनती है, आज के ज़माने में हम मिलजुल कर साथ तभी रह सकते हैं जब हम शांत स्वभाव के हों, दया की भावना हो, हमारे अंदर लालच न हो।

लम्बी उम्र और Healthy जीने के लिए Early Morning उठ कर कम से कम 5 मिनट तक 15 मिनट टहलें, क्योंकि सुबह की ताज़ी हवा में Oxygen की मात्रा बहुत ज़्यादा होती हैं जो सेहत के लिए फायदे मंद तो है ही, साथ ही शाम को खुली हवा में टहलना Health को फिट और फाइन बना देती है इससे माइंड का Stress भी काम हो जाता है तो दोस्तों Early Morning उठिये स्वस्थ और मस्त रहिए।

कुछ लोग ऐसे भी है जिनकी आंखो ने Good वाली Morning का ठीक से दीदार भी नहीं किया, पर उन्हें फ़ौरन चाय कॉफ़ी चाहिए, तो दोस्तो चाय कॉफ़ी, शराब-क़वाब, Smoking,  पान मसाले की लत को लात मार दें, यह शरीर को छीण व Blood को दूषित करके कैंसर को जन्म देता है, इसलिए इनका Avoid करें।

लाइफ आपकी है इसे खुद सँवारे..!   

Follow-right-way-bathing-bathroomनहाने का सही तरीका अपनाएं:- नहाते समय एक बार में पूरी Body को न भिगोएँ पहले सर भिगोएँ फिर पावं, पहले पावं न भिगोएँ इससे शरीर की गर्मी उपर की ओर चढ़ने लगती है जो सेहत के लिए हानिकारक है एक बाल्टी पानी भर लें फिर उसमें फेस डुबोएँ और आँखे झपकाएँ, इससे आँखों की मसल्स स्ट्रांग होती है और कचरे साफ़ हो जाते हैं।

सुबह जल्दी नहाने से स्किन साफ़ सुथरी हो जाती है और फेस चमकदार रहता है फुर्ती महसूस होती है दिन भर एक Positive Energy सा फील होता है और कई सारी सीजनल बीमारी से Protection मिलती है इस लिए रोज़ खुद नहायें और दूसरों को भी सलाह दें।

मोटे एवं कॉटन कपडे ही पहनें ! Synthetic कपड़े Health के लिए हितकर नहीं है रैशेज़ व स्किन Infection होने के ज़्यादा चांस होते हैं जिससे काफी तकलीफ़ का सामना करना पड़ सकता है। 

ठीक से ना खाना बिमारियों को इन्वाइट करना है..!

Pay-attention-yummy-eating-foodखाने पर ठीक से ध्यान दें:- Normally 20 से 25 मिनट तक अच्छे से खूब चबा-चबा कर खाएं, इससे Digestion सही रहता है अच्छी तरह चबाये बिना खाना खाने वाले लोग अक्सर चिड़चिड़े व ग़ुस्से Nature के हो जाते हैं, उन्हें हर चीज़ में जल्दी मची रहती है, इसका मतलब यह भी नहीं कि बहुत धीमे गति से खाये, सामान्य ढंग से दिल लगा कर खाएं।

आलस और बेचैनी न पालें Systematic ढंग रहें, पेट कभी भी खली न रखें, शरीर में उत्साह हो एवं हल्कापन महसूस हो, इसलिए दोस्तों Lunch, Dinner तभी करें जब इच्छा हो, बिना भूख के खाना-खाना बिमारियों को Invitation देना है, कुछ भुक्कड़ टाइप के लोग ये बात समझ नहीं पाते और बाद में परेशान रहते हैं

नाईट में खाना पचने में काफी वक़्त लगता है इसलिए रात मे समय का ख्याल रखते हुए टाइम से खाना खा लेना उचित माना जाता है, जिससे खाने को पचने में पर्याप्त समय मिल जाता है 

सही तरीके से पानी पीने के बेनिफिट्स..!

Water-Drinking-Benefits-Right-Wayडेली रूटीन में पानी सही मात्रा में पिएं:- हमारे शरीर में 2/3 हिस्सा पानी है एक Adult व्यक्ति के शरीर में Aprox 60% पानी होता है मानव शरीर में ज़्यादातर पानी हमारे Cells में मौजूद है। Medically और Google-ator के मुताबिक 70/72 Kg एक नार्मल व्यक्ति वाले शरीर में 40 लीटर तरल पदार्थ होता है, लगभग 25 लीटर कोशिकाओं/Cells (इंट्रासेल्युलर) के भीतर है। शेष 15 लीटर पूरे शरीर के Blood की मात्रा में या अन्य एक्स्ट्राससेलुलर तरल पदार्थ में फैले हुए हैं।

एक दिन में कम से कम एक व्यक्ति को 12 से 15 गिलास पानी पीना चाइये, इससे शरीर में काफी मात्रा में तरल रहता है व्यक्ति Dehydration का शिकार नहीं होता, खास कर गर्मियों के मौसम में इसका विशेष ख्याल रखे, फेस ख़ुश्क नहीं पड़ेगा प्यास का अहसास नहीं होगा, काम में मन लगेगा, शरीर में फुर्ती बनी रहेगी।

Toilet करने के तुरन्त बाद पानी न पिए, पानी पीते ही तुरन्त बाद Toilet नहीं जाना चाहिए, अगर Toilet करने की इच्छा हुई हो तो उस टाईम पानी पीना, भोजन करना, Mating, करना आदि हितकारी नही है, क्योकि इससे तमाम टाईप के मूत्र रोग हो सकते है मूत्र का रफ़्तार (Speed) नही रोकना चाहिए, ऐसा करने से बीमार भी पड़ सकते हैं, अतः कुदरती तरीक़े से जितनी जल्दी हो सके पूरी कर लेनी चाहिए।

ख़ुशी जैसी ख़ुराक़ नही और चिंता जैसा ग़म नहीं..!

हंसने से बीमारियाँ दूर भागती हैं:- हंसना सारी बीमारियों पे मरहम लगाने जैसा है, हसनें से Lungs का बढियां Exercise हो जाता है Breathing Capacity बड़ जाती है  Blood Circulation तेज़ होने लगता है, जिससे Body मे लाभकारी परिवर्तन होने लगते हैं।

बड़ी कॉमन सी बात है दोस्तों चिंन्ता चिता तक पहुंचा देती है यह बात सब जानते हैं अर्थात:- हसते रहें, ख़ुश रहे, निरोगी रहें, असली न सही नकली ही हस दिया करिए स्वस्थय रहने के लिए, दिल का रोग, दिल का दौरा पड़ना, मानसिक तनाव, डिप्रेशन, एसिडिटी, ब्लड प्रेशर, सर्दी जुकाम, कैंसर आदि रोगों में हसनें से बहुत लाभ होता है।

हेल्थ अगर ठीक रहे व्यक्ति सुखी व शांत रहता है क्योंकि हेल्दी शरीर में हेल्दी शॉर्प माइंड हो सकता है अच्छी और सुकून भरी नींद भी आती है यह सारी बातें जो लोग फॉलो करेंगे उन्हें ज़िन्दगी जीने में बहुत ही आनंद प्राप्त होगा क्योंकी...
"ये दौलत ये शोहरत कुछ न काम आएगी , बस यहीं धरी की धरी ही रह जाएगी"
खुश रहें मस्त रहें, दूसरों की मदत करें  

20 Apr 2017

स्कूल टाइम और बचपन की प्यारी यादें

School-days-sweet-memories-childhood-essay-in-hindiकिसी ने सच ही कहा है स्कूल ईश्वर के घर जैसा होता :- है क्योकि जैसे ईश्वर का घर सबके के लिए होता है वैसे ही स्कूल भी वहाँ कोई बड़ा छोटा नहीं, अमीर फैमिली से हो या गरीब सब बच्चे एक जैसे स्टूडेंट की तरह ही दिखते एक जैसा ड्रेस पहनते, एक साथ पढ़ते खेलत, इंटरवल में सब खाना खाते, खेतले मस्ती करते एक ही Campus के अंदर एक समान माहौल बहुत ही हैप्पी Moment होता है जो हर किसी की लाइफ में ये पल आता है।

यह लाइफ का गोल्डन पार्ट होता है :- जनमे स्कूल टाइम वाली अच्छी लाइफ और प्यारी यादें तो होती हैं साथ ही खूब सारी मस्ती, पढाई, खुराफ़ात सबका पिटारा भरा होता है दोस्तों स्कूल टाइम में अक्सर हम यही सोचते थे स्कूल ना जाना पड़े आज छुट्टी होती तो कितना मज़ा आता बुख़ार होने का बहाना पेट में  दर्द, पैर में चोट लगने का बहाना तमाम तरह के बहनों की खोज करते रहते थे, "लेकिन वही सब बाते आज याद करने में बहुत अच्छा लगता है।

स्कूल टाइम की कुछ बातें अब समझ आती हैं,

पापा मम्मी सुबह सुबह जब उठाते थे :- हमारा उठने का बिलकुल मन नहीं करता था सोचते थे और सोने को मिले, बिना जगाये उठते ही नहीं थे पर अब ऑफिस/काम पे जाना है बिना कहे ही तैयार होकर निकल जाते हैं "टीचर्स और पैरेंट्स" हमारी लाइफ के ऐसे मार्ग दर्शक होते हैं जिनकी प्रेरणा से हम ना जाने कितनी बातें सीख लेते हैं जिससे शब्दों में बयाँ नही किया जा सकता।

दोस्तों पैरेंट्स का प्यार डांट फटकार और गुस्सा :- यह हमारी लाइफ को वो बातें महसूस करा देती हैं जिससे हमारी बढ़ती उम्र में बहुत मदद ग़ार साबित होती हैं । क्योँकि दोस्तों क्या होता है हमारे बचपन में इन सब चीज़ो से जब सामना हो जाता है, तो आगे की लाइफ में कोई बात नयी नहीं लगती ! बस फील होता है ! "यार ये तो" स्कूल/कॉलेज वाली लाइफ में मेरे साथ हो चुका है उस बात पे डांट, फटकार पड़ी थी।

लाइफ बड़ी ही Complicated होती जा रही है:- अचानक से कोई कुछ कह दे तो मन बहुत दुखी तो होता ही है, लाइफ में अच्छे बुरे Situation दोनों को डील अच्छे से करना चाइये, हमे जैसा माहौल हो वैसे खुद को ढाल लेना चाइये (ख़ास कर अच्छी आदतों में) यह तमाम बातें पैरेंट्स और स्कूल दोस्त यार के बीच ही में हम सीखते हैं एक बात तो है हर चीज़ो का एक वक़्त होता है जब तक समझ में आती हैं तो वो लम्हें गुज़र चुके होते हैं ।

आप सभी दोस्तों को DEDICATE कर रहा हूँ,

article on school life is the best lifeअब आप यह पढ़ और फील करें वो स्कूल/कॉलेज की यादें :- जहां हम पढ़े वहां की धूप बहुत अच्छी लगती थी और अब हम AC में भले ही भी बैठ रहे हों पर वो बात नहीं रही, वहां घाँस पर मज़े से बैठना अच्छा लगता था अब ऑफिस की कुर्सी पर बैठने पर वो सुकून कहा मिलता है।

कैम्पस के बहार समोसे वाली दुकान :- जब हम भीड़ में घुस कर समोसे ख़रीद कर खाते थे उसमें जो स्वाद आता था अब बड़े बड़े रेस्टोरेंट के पिज़्ज़ा बर्गर में वो वाली बात कहाँ स्कूल के नल के पानी में जो मिठास थी वो अब ऑफिस के RO के पानी में वो टेस्ट नहीं मिलता।

क्लास में कागज़ का जहाज़ उड़ाया करते थे :- हम में से ज़्यादा तर बच्चे शायद ऐसा कारनामा किये किये होंगे और पकड़े जाने पर दूसरे का नाम लगाते थे उन दिनों स्कूल के ड्रेस में जो कॉन्फिडेंस था वो आज कितना भी महगा फॉर्मल पहन लो कोई मलतब नहीं, वो ब्लैक सूज़ में जो बात थी अब कितने भी ब्राँडेड जूते पहन लो पर वो मज़े नहीं।

बस के पीछे वाली सीट :- मज़ा तो तब आता था जब स्कूल/कॉलेज बस के पीछे वाली सीट पर गाना-गाना ज़ोर से हंस कर शोर मचाने वाली आवाज़ ना जाने कैसे चुप हो गयी अब काम,ऑफिस घर तक लाइफ सिमटती चली जा रही है सच में वो ज़िन्दगी- ज़िन्दगी थी कोई फ़िक्र नही था।

आज हमारी लाइफ कहाँ भागी जा रही है!

दोस्तों आप ये पोस्ट पढ़ रहे होंगे खुद सोचिये :- आप वो रहे ही नही जो पहले थे, खुद सोचो ! जब बर्थ-डे होता था तो सारे दोस्त इकट्ठे हो कर मस्ती के साथ सेलिब्रेट करते थे अब दोस्तों से मिले बिना फेसबुक व्हाट्सअप पे ही विश हो जाती है स्कूल हाल मेंशोर मचाते ही आवाज़ गूंज उठती थी पर अब ना जाने इतने शांत रहना कैसे सीख गए।

एग्जाम टाइम में आगे वाली सीट :- ओए "बता दे न यार" आपने भी ऐसा किया होगा लेकिन हमसे ज़्यादा नंबर उसे न मिल जाए इसके चक्कर में हम दूसरे को नहीं बताते थे बहुत सारी यादे और बातें हैं जितना भी कहो सब कम लगता है उन दिनों जिनसे से हम क्लॉस रूम में सीट के लिए लड़ते झगड़ते थे जिसे देखकर पसंद भी नहीं करते थे आज हम उन्हें इंटरनेट पर अक्सर खोजा करते हैं, "हम बड़े कब हो गए स्कूल के दिन न जाने कहाँ खो गए" ये सारी बातें अब एक सपने जैसी लगती हैं।

लाइफ में नो टेंशन वाले लम्हे,

लाइफ में नो टेशन वाला वक़्त बचपन व स्कूल का होता है घर में क्या हो रहा है खाना कैसे बनेगा, पैसे कौन कमा रहा है, कोई फर्क नहीं हमे तो बस पढाई, खेल कूद, दोस्त यार मस्ती और किसी से कोई मतलब नहीं दुंनिया में क्या हो रहा क्या नहीं ज़रा भी खबर नहीं अच्छा खाने, पहनने को मिले और क्या चाहिए।

संगीतकार :- जगजीत सिंह साहब ने एक ग़ज़ल के माध्यम से बचपना को बहुत ही खूबसूरती से साथ ग़ज़ल में तराशा है चंद लाइने मैं आप से शेयर कर रहा हूँ।

"ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो , भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन , वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी"

बचपन का मोल कोई भी नही लगा सकता बस Enjoy किया जा सकता है महसूस किया जा सकता है क्योकि हम बचपन में कितनी भी गलतियां, शरारत करते हों सारी माफ़ होती थीं "इसलिए कहा गया है"

"जो जाके ना आए वह जवानी देखी , जो आके ना जाए वो बुढ़ापा देखा"

कुछ बच्चे जो बहुत गरीब परिवार से होते हैं, 

story about street kidsकुछ ऐसे परिवार के बच्चे भी अपने देश में हैं जो पढ़ना तो दूर ठीक से खाने तक को भी ठीक से नसीब नहीं होता ऐसे बच्चे गली, चौराहे और फुटपाथ पे हमे अक्सर दिख जाते हैं।

एक बार मैंने कुछ बच्चों से बाते की :- कुछ ऐसी इमोशनल बाते निकल कर सामने आई! जिसे आपके साथ शेयर कर रहा हूँ हमे लगता है कि वो नहीं सोचते पढ़ाई लिखाई क्या होती है किताबे क्या होती हैं, स्कूल क्या होता है सब से अनजान अपनी धुन रहते हैं "उन्हें देख कर बस यही लगता है" पर दोस्तों ऐसा बिल्कुल भी नही है।

नार्मल बच्चों जैसी हमारी भी लाइफ हो, वो सोचते हैं 

ऐसे बच्चे स्कूल तो जाना चाहते हैं:- पढ़ना तो वो चाहते हैं पर न तो उनका एडमीशन करने वाला होता है न यूनिफार्म न किताबें होती हैं पर इन सब ज़रूरतों को पूरा करेगा कौन ? न उनके पास घर है न माँ बाप कौन देखभाल करेगा, फुटपाथ के बच्चे जब स्कूल के बच्चों को देखते हैं उनकी लाइफ को महसूस करना चाहते हैं उनका घर, परिवार कैसा होगा कमरा कैसा होगा अच्छे अच्छे कपडे पहनते देख उनका भी मन करता है ये सारी बातें एक फुटपाथ पर सोने वाला बच्चा भी सोचता है

ऐसे बच्चों को दुःख तो तब होते हैं जब किसी होटल/रेस्टोरेंट में उनकी उम्र के बच्चे माँ बाप के साथ खाने, पीने मस्ती करने आते हैं और वो बच्चे उनके जूठे बर्तन धुलते हैं।

ऐसा नहीं की हम सब को उनको परवाह नहीं :- दोस्तों हम सोचते हैं उनको देख कर दुःख भी होता है पर हम अपनी ही लाइफ में ही उलझे हुए रहते हैं, इस वजह से उनकी चाह कर भी मदत नहीं कर पाते, मेरी ईश्वर से यही प्रार्थना है ऐसे बच्चों के लिए फ्यूचर में कुछ न कुछ हल ज़रूर निकले जिससे वह बच्चे भी शिक्षा पा सके जिनके आगे पीछे कोई नहीं।

7 Apr 2017

विश्व स्वास्थ दिवस : जानिए कुछ ख़ास बाते

vishwa swath sangathanअच्छा हेल्थ फिट और फाइन रहना किसे नही पसंद, सभी स्वस्थ रहें खुशहाल हो, हर परिवार की यही इच्छा होती है आज विश्व स्वास्थ दिवस है जो 1948 में WHO (World Health Organization) के द्वारा 7 अप्रैल को मनाने का फैसला किया गया, यह बहुत खास दिन है लोगों को स्वास्थ के प्रति जागरूक करना ताकि आने वाले फ्यूचर को रोग मुक्त बनाया जा सके । वैसे तो WHO से जुड़े कई हेल्थ प्रोग्राम हैं पर आज हम विश्व स्वास्थ दिवस के मौके पर Maternal and Reproductive Health (मातृ और प्रजनन स्वास्थ्य) जो की विश्व स्वास्थ दिवस का एक अहम हिस्सा है जिसके विषय में चर्चा करेंगे । आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें !

हेल्थ के प्रति काफी जागरूकता भी आयी है लेकिन अभी भी कुछ मामले  सामने आते हैं जिन्हें सुन कर देखकर हम काफी चिंतित हो जाते हैं टॉपिक है प्रसव पूर्व प्रेग्नेंसी में कैसे ध्यान दें और किन-किन बातों पर ज़्यादा फोकस करना चाहिए जिस से माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हों

सबसे पहले तो मैं आपको बतादूँ कि हमारे देश में महिलाओं की प्रेग्नेंसी से जुडी काफी प्रॉब्लम्स बनी रहती है Mostly हमारे गावों में आज भी अज्ञानता, ग़रीबी, अशिक्षा व कुछ डर के कारण Delivery ठीक से होने में काफी Complication आ जाती है यहाँ तक की मौत भी हो जाती है यह पोस्ट लिखने का मकसद यह है की आज का ज़माना इन्टरनेट स्मार्ट फ़ोन का ज़माना है शहर में लोग इस्तेमाल करते ही करते हैं बल्कि गाँव में भी ख़ूब इस्तेमाल किया जा रहा है इसलिए इस पोस्ट के माध्यम प्रसव पूर्व जांच व गर्भावस्था में चिकित्सा जांच के फायदे के बारे में उन सभी तक पहुँचाना जागरूक करना मेरी एक छोटी सी कोशिश है ताकि जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ्य हो और परिवार खुशहाल रहे।

प्रेग्नेंसी पता चलते ही चार मुख्य जाँच !

Benefits-of-medical-examination-during-pregnancy-in-hindi
गर्भवती महिला के प्रसव से पहले चार मुख्य जाँच करना Compulsory है जिसे ANC (Ante Natal Checkup) कहते हैं ANC क्या है इसकी सम्पूर्ण जानकारी आपके नज़दीकी हेल्थ सेंटर से मिल जाएगी फिर भी कुछ जानकारियाँ आपके साथ शेयर की गयीं हैं।

  • पहली ए.एन.सी जाँच माहवारी छूटते ही या महावारी छूटने के पहले तीन माह महीने के भीतर 
  • दूसरी ए.एन.सी जाँच प्रेग्नेंसी के चौथे से छठे महीने में 
  • तीसरी ए.एन.सी जाँच प्रेग्नेंसी के सातवें से आठवें महीने में 
  • चौथी ए.एन.सी जाँच प्रेग्नेंसी के नवें महीने में
ANC के अलावा भी कुछ अन्य जाँचें जिन्हें करना भी आवश्यक है !
  • हर प्रसव में ख़ून व पेशाब की जाँच
  • B.P (ब्लड प्रेशर) वज़न और पेस्ट की जाँच कराएं, साथ ही आपको I.F.A (आयरन फोलिक एसिड ) की गोलियां व एक महीने के अंतर पर T.T (टिटेनस टॉक्साइड) के दो टीके लगवायें
  • पेशाब में एल्मुनियम और शुगर तो नही है इसकी जाँच कराये, क्योँकि एल्मुनियम और शुगर का जाँच कराना माँ व बच्चे को गंभीर कंडीशन में जाने से बचता है 
  • अपना वज़न नपवाएँ क्योँकि गर्भावस्था के दौरान औसतन 9 -11 किलो वज़न बढ़ता है, 
  • बच्चे का विकास ठीक तरीके से हो रहा है इसका पता लगाए के लिए पेट की जाँच करना बेहद ज़रूरी है 
  • खून की कमी का पता लगाने के लिए H.B (हीमोग्लोबिन) की जाँच कराये, हीमोग्लोबिन की जाँच से शरीर में खून की मात्रा पता लगने से उपचार में मदत मिलती है 
  • हाई बी.पी का पता लगाने के लिए अपने ब्लड प्रेशर की जाँच करवाये क्योंकि हाई बी.पी होने से गर्भवती महिला और बच्चे दोनों को ख़तरा रहता है 
आयरन फोलिक एसिड (I.F.A) गोलियाँ ज़रूर लें 

गर्भावस्था के दौरान I.F.A की गोलिया लेने से माँ में ख़ून की कमी नही होती है और होने वाला बेबी हेल्दी होगा ये कन्फर्म होता जाता है अगर माँ को कोई अन्य समस्या न हुई तो,
Generally तौर पर I.F.A की एक गोई रोज़ लेनी चाहिए परंतु अगर महिला को एनीमिया है तो डॉक्टर के मुताबिक I.F.A की दो गोलियां सुबह और शाम लेने की सलाह दी जाएगी,

यह भी पढ़ें :- एनीमिया क्या है इसका लक्षण कैसे पता करें 

प्रेग्नेंसी के दौरान डाइट (आहार)

  • प्रेग्नेंसी के दौरान आपको दिन में एक एक्स्ट्रा डाइट लेना बेहद ज़रूरी है 
  • दूध, दही और छांछ, पनीर इनमे ज़्यादा मात्रा में कैल्शियम,प्रोटीन और विटामिन होते हैं
  • फ्रेश मौसमी फ्रूट और सब्ज़ियां खाये क्योंकि इनमे विटामिन व मिनलर मिलते हैं छिलके वाली दालें और अनाज इनका अच्छा सोर्स हैं
  • हरी पत्ती दार साग सब्ज़ियां आयरन व फोलिक एसिड से भरपूर होता है 
  • मुट्ठी भर अप्रोक्स (45gm) मूंगफली के दाने और कम से कम दो कप दाल से शाकाहारी लोगों की दैनिक रूटीन पूरी हो जाती है
  • मांसाहारी लोगों के लिए मीट, अंडा, मछली प्रोटीन विटामिन और आयरन के अच्छे सोर्स मिलते हैं 
  • "मल्टी प्रोटीन युक्त खाना खाने से गर्भवती महिला को उसके बच्चे के विकास में बढ़त मिलती है व ख़ून की कमी नही होने देता"
  • साफ़ सफाई पर ज़्यादा ध्यान दें 
  • हर बार खाना खाने से पहले व शौच के बाद हाथ खूब अच्छी तरह से हाथ को साबुन या हैण्ड वास से धोएं,
  • लगातार हाथ की सफाई के साथ-साथ नाख़ून को भी समय से काटती रहें,  
  • खाने को अच्छी तरह से ढक कर रखें और साफ़ व शुद्ध पानी पीएं,

प्रेग्नेंसी के दौरान कितना आरम करें 

  • रात में 8 घंटे और दिन में काम से काम 2 घंटे आराम करें
  • बाएं करवट लेटें क्योकि गर्भ में पल रहे बच्चे को खून की Supply बढ़ जाती है 
  • भरी सामान उठाने व कड़ी मेहनत करने से बचें 
  • काम को अपने ऊपर ज़्यादा ज़ोर न दें और कुछ कामों में दूसरों की Help लें 

पारिवारिक सपोर्ट की सबसे ज़्यादा ज़रूरत 

  • परिवार का बिहेवियर व माहोल हँसी ख़ुशी से भरा होना चाहिए 
  • परिवार की यह ज़िम्मेदारी होती है की वह गर्भवती महिला के खाने पीने की चीज़ों पर ठीक से ध्यान दें 
  • लेबर पेन शुरू होने या कोई और Complication होने पर हेल्थ सेंटर से तुरंत संपर्क करने में देर न करें
  • परिवार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यह भी है की पर्याप्त पैसा और गाड़ी का इंतेज़ाम पहले से ही कर लें 
  • ईश्वर न करे किसी के साथ भी ऐसा हालात बने, इसलिए परिवार वालों को एक एसे व्यक्ति की पहचान कर ले जो Emergency पड़ने जैसे कंडीशन में ब्लड डोनेट कर सके 

प्रेग्नेंसी और डिलेवरी के दौरान ख़तरे के संकेत 


गर्भावस्था के शुरूआती महीनों में योनि से ब्लड बहना अत्यधिक मिचली और उल्टी, लेबर पेन शुरू होने से पहले योनि से ब्लड का रिसाव, हाई ब्लड प्रेशर, बेहोशी/या पेट में दर्द, कमज़ोरी महसूस होना, थक जाना साँस फूलना, पाँव में बेहद सूजन होना, दौरा पड़ना, पेशाब में जलन तेज़ बुखार या अन्य कोई बिमारी हो तुरंत अपने नज़दीकी हेल्थ सेंटर में जाकर समय पर हेल्प लें इससे आपका और बच्चे दोनों का जीवन सुरक्षित रहता है।

नोट:- यह जानकारी जन हित में दी गयी है सबसे पहले आप अपने नज़दीकी सरकारी हेल्थ सेंटर में जा कर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार माँ व बच्चे की देखभाल करें !



27 Mar 2017

रिंगवर्म या दाद क्या है और यह कैसे होता है

इस पोस्ट में हम रिंगवर्म या दाद क्या है और कैसे होता है इसके बारे में जानेंगे ! इसे Medically term में Dermatophytosis नाम से और Simple भाषा में Ringworm (दाद) के नाम से जाना जाता है यह त्वचा के कवक संक्रमण (Fungal infection) होता है यह Genrally मनुष्य और जानवरों दोनों में होता है इसका Infection शरीर पर देख सकते हैं जो कि Red patch (लाल धब्बा) त्वचा पर पड़ जाता है हमारे शरीर कुछ Common हिस्से एसे भी हैं जहाँ यह Infection ज़्यादा होता है जैसे सिर की त्वचा बाल, दाढ़ी, पेट और जांध (Thigh) के बीच का भाग, पावँ, तथा और भी कुछ Other हिस्से हैं।

रिंगवर्म क्या है कैसे होता है रिंगवॉर्म काफी फेमस है आज कल !

आज कल यह बहुत से लोगों को हो गया और काफी परेशान रहते है हर दस में से चार लोग इस से Infected है काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है इधर गर्मी का मौसम भी आ रहा है क्योंकि अगर त्वचा Infected है तो पसीना होने की वजह से ज़्यादा फैलता है जो की बहुत ही Irritating feel होता है और ऐसी जगहों पे हो जाता है और किसी से Share करने में भी Hesitation होती इसे बहुत बड़ी बिमारी तो नही कह सकते लेकिन यह अगर भयंकर रूप ले ले तो ज़िन्दगी दुश्वार हो जाती है तो आइये जानते हैं जो भी हमारे पास जानकारी है आपके साथ Share करते हैं कि यह क्या है और कैसे होता है ?

कैसे होता है किस वजह से होता है !

शरीर का गन्दा होना साफ़ सफ़ाई ना रखना क्योंकि जैसे- बिना हिफाज़त ज़्यादा दिन रखे लोहे में जंग लग जाती है वैसे हमारा शरीर भी है अगर ठीक से केयर नही किया गया तो दाद खाज तो होगा ही साथ में त्वचा से Related बहुत सी बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है कुछ वजहें ! जिसेके कारण से हो जाता है जैसे- Bathroom या Toilet के नल में साफ़ पानी का ना आना, हमेशा बंद कमरा सीलन रहना, Public Swimming pool में काफी दिनों का पानी बदला नही गया हो, उसमे लिया जाये तो भी हो सकता है, क्योँकि गंदे पानी में Fungus वगैरह ज़्यादा रहते हैं, गीला कपड़ा पहनना, एक कपड़े को काफी दिनों तक पहने हुए रहना, गीले टॉवल का इस्तेमाल, गंदे फुटवेयर पहनना यह Common चीज़े हैं, जिसेसे रिंगवर्म होने का खतरा होता है तो दोस्तों इस तरह के कारण से रिंगवर्म होने का ज़्यादा Chance रहता है। 

मुझे नही था पर कैसे हो गया ! 

ringworm ke bare me jane सबसे Most important बात काफी दोस्तों से Mind में Qustion उठ रहा होगा यार मैं तो 100% खुद की Care करता हूँ, साफ सफ़ाई रखता हूँ, पानी में Antiseptic liquid डाल कर भी नहाता हूँ फिर भी मुझे कैसे हो गया तो मैं बता दूँ आप बिलकुल सही हैं अपने साफ़ सफाई रखी ! पर हुआ कैसे ? दोस्तों आइये इसे भी जानते हैं अगर किसी को Fungal infection है तो यह ज़्यादा Chance आप को भी हो सकता है आप उस व्यक्ति के Contact में आते हैं।

! किसी के कांटैक्ट में आना ! पर कैसे ?

अगर आपके किसी दोस्त यार या Family members में से किसी को भी है और उनके इस्तेमाल किये हुए सामन Share करते हैं जैसे Mobile phone कपड़े बिस्तर कुछ भी इस्तेमाल हों और अगर उन्हें पहले से Fungal infection है और वह सामान Infected area के Contact में आया या उन्होंने खुजली कर उसी हाथ से सामान Touch किया तो वह सामान Infected तो हुआ साथ ही अगर वही सामान कोई और इस्तेमाल करने लगा ! बिना Clean किये ! तो Sure उसे भी हो सकता है Physical relation, अगर एक Partner को है और वह दूसरे के Contact में आता है तो यह भी एक कारण है।

रिंगवॉर्म होने का कुछ कॉमन लक्ष्ण !

  • शरीर पर रेड पैच पड़ जाना फफोले,रैसेस जैसे दिखना, 
  • रिंगवर्म नाम ही इसका शेप रिंग जैसा होता है, 
  • हमेशा खुजली व जलन जैसा अहसास होना,
  •  ज़्यादा खुजली करने पर हल्का पानी निकलने लगता है, 

घरेलू देखभाल कैसे करें ?

  • Regular अपनी त्वचा को Clean और Dry रखे,
  • Ringworm जिस एरिया पर है ज़्यादातर कोशिश करें की कपड़े से दूर रहे, 
  • अगर आप कपडे को दूर नही रखपा रहें हैं, तो Affected Area को Bandage कर के रखें,
  • रोज़ अपने कपड़े बदलते रहें, आसपास खूब साफ़ सफ़ाई रखे और इन्फेक्शन बढ़ने से रोकें,
  • इस्तेमाल किये कपड़े को किसी अच्छे Antiseptic liquid में भिगो कर कुछ देर रख दें और खूब अच्छी तरह से धोएं,
  • अगर आपका Immune system कमज़ोर है, तो ऐसे लोगों से दूर रहें जिन्हें पहले से Ringworm है,   
  • इन्फेक्शन किसी और को न हो इसके लिए अपनी Personal चीज़े किसी और से Shar न करे जैसे Clothes or Hair Brushes etc,
  • साबुन का इस्तेमाल बिलकुल भी न करें,
नोट :-अगर आपको एसे लक्षण दिखे तो अपने नज़दीकी डॉक्टर से एक बार ज़रूर सलाह ले कर कन्फर्म कर लें! 

26 Mar 2017

एनीमिया क्या है इसका लक्षण कैसे पता करें

हमारे शरीर के ब्लड में RBC (Red Blood Cell) या Hemoglobin की मात्रा किसी भी Reason से कम हो जाना उसे Anemia कहते हैं आम तौर पे शरीर में ख़ून की कमी भी कहते हैं Body के सभी Cells में Oxygen ज़रूरत होती इसमें Hemoglobin का बहुत ही Important काम होता Oxygen शरीर में पहुचना ! यदि किसी भी व्यक्ति को Anemia हो जाता है तो इसका Effect शरीर पर पड़ने लगता है 

शरीर में Blood की कमी/Anemia होने की वजहें जानें,

Iron की कमी / Deficiency of iron :- Iron शरीर को Healthy बनाता है शरीर में Iron की कमी होने के कारण Anemia होने का खतरा रहता है क्योँकि शरीर में Iron (लौह-तत्व) की कमी होने की वजह से शरीर में मौजूद Bone Marro ज़रूरत के मुताबिक़ Hemoglobin नही बना पता, तथा RBC का Shape-Size छोटा हो जाता है और अपने नार्मल कलर से Deffrent हो जाता है।

बीमारी / Disease :- कुछ बीमारियों की वजह से जैसे अल्सर, कैंसर, Bone marrow में रोग, और ख़ास कर महिलाओं Anemia पाया गया है Periods और Pregnancy में रक्तस्राव, या फिर दर्द में ज़्यादा Pain Killer लगातार इस्तेमाल करना, दर्द नाशक दवाएं आराम तो देती हैं पर इसका Bad effect है।

रक्त दान / Blood Donate :- किसी ज़रूरत मंद को Blood Donate करना बहुत ही अच्छा काम है दूसरों की ज़िन्दगी बचाई जा सकती है, परंतु ऐसे व्यक्ति जिनमे Hemoglobin की मात्रा पहले से काम हो या नार्मल भी हो Blood Donate करने के बाद ठीक से खान-पान न करे Anemic हो सकते है। 

आनुवांशिक / Genetic:- Thalassemia और Sickle Anemia टाइप Genetic रोगों के कारण RBC में Defect होने से बहुत जल्द ही Break हो जाती है जिसके कारण Body में Blood की कमी होने लगती है और व्यक्ति बहुत जल्द कमज़ोर दिखने लगता है। 

रक्तस्राव / Bleeeding :- एक्सीडेंट में ज़्यादा Blood का बहना, पाइल्स/बवासीर, घाव वा शरीर पर किसी वजह से चोट लगना, ये तमाम कारण हैं जिस वजह से शरीर में ख़ून बहार निकल जाने से खून की मात्रा कम हो जाती है ऐसे में तुरंत नज़दीकी चिकित्सक के पास जा कर उचित सलाह लेनी चाहिए।

एक Normal व्यक्ति में कितने संख्या में RBC/HB होता है, 

Emedicine.medscape.com के अनुसार एक स्वस्थ्य वयस्क पुरुष (Male) में Genrally 14 .0 से 17.5 mg/dl मिलीग्राम/डेसीलीटर, और एक स्वस्थ्य वयस्क महिला (Female) में 12.3 से 15.3 mg/dl के बीच होता है बच्चों का उनके उम्र और लिंग पर Depend करता है कि लिंग क्या हैं और कितनी उम्र हैं 

Risk factors / जोखिम के कारण !

कुछ लोग इन Catagory में आते हैं उनमे लोहे (Iron) की कमी से होने एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है।

Women / महिला :- क्योंकि मासिक धर्म के दौरान महिलाएं खून स्राव होता हैं, सामान्य रूप से महिलाओं को लोहे (Iron) की कमी वाले एनीमिया का अधिक खतरा होता है।

Vegetarians / शाकाहारी :- जो शाकाहारी हैं मीट मांस अपनी Diet में नहीं लेते उन्हें भी Anemia हो सकता है अगर वह अतिरिक्त खाद्य पदार्थों से लौह (Iron) की पूर्ति नही कर पा रहे हों तो !

Continue blood donation / लगातार रक्त दान करना :- जो लोग लगातार रूप से Blood donate करते हैं उनमें लोहे (Iron) की कमी की Anemia का खतरा बढ़ जाता है Because blood donation की कमी से शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है, रक्त दान करने से शरीर में हीमोग्लोबिन कम होना एक Temporary समस्या हो सकती है यदि Blood donate करते समय आपको यह बताया गया है कि आप में हीमोग्लोबिन की कमी है और आप इस कारण रक्त दान नही कर सकते, तो अपने डॉक्टर से पूछें इसका निदान कैसे करे।

Infants and children / शिशुओं और बच्चों में :- वे नवजात बच्चे खास तौर से, जो कम Weight वाले या जब जन्म होना हो उससे पहले पैदा हो जाते हैं, और माँ के दूध से Sufficient मात्रा में लौह (Iron) नहीं प्राप्त करते पाते हैं, उनमे Iron की कमी का खतरा रहता है बच्चों के शारिरिक विकास के दौरान बच्चों को अतिरिक्त Iron की बहुत जरूरत होती है, यदि बच्चा Healthy न हो और Proper तरीक़े से Diet नहीं ले रहा तो उसे एनीमिया का खतरा हो सकता है।

कुछ बीमारियों की वजह से शरीर में RBC बनना कम हो जाता है जिसकी कारण से Anemia बहुत जल्दी होता है एनीमिया शुरुआत में यह धीरे-धीरे होने लगता है और बाद में भयंकर रूप में बदल जाता है  ! जैसे !

  1. कैंसर
  2. सिरोसिस
  3. ल्यूकेमिया
  4. लीड पॉइज़न
  5. गुर्दे की पुरानी बीमारी
  6. अप्लास्टिक एनीमिया
  7. लोहे की कमी से एनीमिया
  8. विटामिन की कमी से एनीमिया
  9. आपके खाने में लोहे (Iron ) की कमी
  10. लोहे को Absorb करने की क्षमता कम होना

एनीमिया का लक्षण / Symptom of Anemia !

  1. सर में दर्द 
  2. सांस फूलना
  3. सीने में दर्द रहना
  4. बेहोशी, चक्कर आना 
  5. सांस लेने में परेशानी
  6. शरीर का पीला पड़ना
  7. पैर अपने आप हिलना
  8. हाथ पैर का ठंडा पड़ना
  9. सांस लेने में तकलीफ
  10. शरीर का रंग पीला पड़ना
  11. अत्यधिक कमज़ोरी व थकान
  12. तेजी से दिल की धड़कन बढ़ना घटना

आयरन की कमी से लड़ने के लिए उचित खाद्य पदार्थ,

Anemia दूर करने के लिए सबसे पहले एक संतुलित Diet लेने की आवश्यकता है जिसमे पर्याप्त मात्रा में Iron हो जैसे कि अंकुरित फलियां, बीट्स, ब्रोकोली, ब्रूसेल, रेड मीट, लिवर, मछली, मक्का, हरी सेम, सभी प्रकार के गोभी, मिठाई, मटर, टमाटर, मसूर, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, नारियल सूखे फल, किशमिश और खुबानी इत्यादि को अपनी Diet में शामिल करके एनीमिया से छुटकारा पाया जा सकता है ।

नोट:- एनीमिया क्या है इसका लक्षण कैसे पता करें इसकी जानकारी अपने नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लें और अगर ऎनेमिक हैं तो उपचार करने में जुट जाये!

25 Mar 2017

बुद्धिमान बंजारे की कहानी

प्राचीन काल में वनारस नगर में एक विवेक नाम का एक बंजारा रहता था, विवेक के Father एक Skilled Business man थे लोगों के Daily use करने वाली चीजें जहाँ सस्ती मिलती वहां से खरीद लाते, और जहाँ उन Products की Demand रहती वहां अच्छे Profit में बेंचा करते, विवेक धीरे-धीरे बड़ा हुआ और Father के Business में हाथ बटाने लगा, कुछ ही दिनों में उसने अपने Business की सारी बारीकियों में Experience प्राप्त कर लिया।

ek tha banjara in hindiउस Time आज की तरह Transportation की सुविधा नहीं थी, सड़कें नहीं थीं, Travel के लिए मोटर गाडी नहीं थीं सड़कें नहीं थीं, आने-जाने के लिए कच्चे रास्ते थे घोड़े, बैल, ऊंट इत्यादि की पीठ पर लाद कर व्यापारी अपना सामान इधर-उधर ले जाते थे बड़े व्यापारी अपना सामन बैल गाडी पर लाद कर लाते और सामान बेच कर दूर दूर तक बहे शहरों मे घूम घूम कर सामान बेचते थे विवेक के पिता बैलगाड़ियों पर सामान लाते थे।

यह बुद्धिमान बंजारे की कहानी है जो की वह बहुत समझदार व्यापारी बन गया था, वह अपने अनुभव से एक से दो-दो से तीन-तीन से चार ..इस तरह से गाड़ियों की संख्या बढाते-बढ़ाते पाँच सौ गाड़ियों का सामन दूर के शहरों में बेंचकर काफी पैसा कमाने लगा, उसने आस-पास के Area में अपना Business बढ़ने का फैसला किया, उसने तयारी शुरू की और सामान खरीद कर पाँच सौ गाड़ियों के लिए सामन इकट्ठा कर लिया।

उसी बनारस शहर में एक अविवेक नाम का दूसरा बंजारा भी रहता था जो बहुत ही चालाक और Fraud था घटिया सामन अच्छा बता कर लोगों को ऊंचे दाम पर बेंचा करता था, विवेक का बढ़ता हुआ Business देख कर उसके मन में Jealousy की भावना थी, वह हमेशा उसे नीचा दिखाने की कोशिश करता रहता था, उसने सुना की विवेक पाँच सौ गाड़ियों पर सामान लेकर दूसरे प्रदेशों में जा कर भरी Profit कमाना चाहता है, बस फिर क्या था, इसने भी अपने सड़े-गले सम्मान लेकर पाँच सौ गाड़ियों के साथ तैयार हो गया।

विवेक ने सुना की आविवेक ने भी हमारे साथ पाँच सौ गाड़ियों लेकर चलने को तयारी कर ली है विवेक ने सोचा की उस बेवक़ूफ़ के साथ जाना ठीक नहीं, वह Business में अपने साथ-साथ मुझे भी बदनाम कर सकता है, इसके अलावा एक साथ बैल एक हज़ार बैलगाड़ियों का एक साथ जाना मुश्किल भी होगा कच्चे रास्ते, कच्ची ज़मीन धंसते-धंसते गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।

इस तरह गाड़ियों को निकालना बड़ा मुश्किल हो जायेगा, और फिर पाँच सौ गाड़ीवान एक हज़ार बैल इन सबके खाने पीने में का इतजाम करना बड़ा भारी पड़ जायेगा, अब या तो उसे आगे जाना चाहिए या मुझे ! Because एक साथ Travel करने में बहुत Problem होगी So उसने आविवेक को बुला कर कहा भाई, तुम भी Businessman और मैं भी इसलिए भाई चारे के लिहाज़ से मैं तुमसे एक Request करना चाहता हूँ इतने साज़ वो सामान के साथ एक बड़ा काफिला एक साथ ले जाने में बड़ी दिक्कते आयेंगी इस वजह से या तो तुम आगे जाओ या मैं जाऊं तुम जैसा चाहो वैसा करो मुझे तुम्हारा फैसला मंजूर है।

अविवेक अनुभव हीन और लालची Businessman था, अगर विवेक आगे जायेगा तो बाद में उबड़ खाबड़ रस्ते से जाना पड़ेगा, अगर पहले जाऊंगा तो बैलों के लिए अच्छे हरे भरे खाने पीने की चीज़े मिलेंगी और आराम करने के लिए काफी जगह भी मिलेगी और आगे पहुचने पर ज़्यादा मुनाफे में बेच भी सकूँगा, इस लिए उसने कहा भाई आगे मैं ही जाऊंगा, विवेक ने सोचा-पीछे जाने में ही फ़ायदा होगा, उसके आगे गुजरने से जिस रस्ते से उसकी गाड़ियाँ जाएँगी वह रास्ता साफ़ होता जायेगा, उबड़ खाबड़ ज़मीन समतल हो जाएगी।

रस्ते के छोटे-छोटे कटाव एव गड्ढे पहियों से दब कर मिट जायेंगे, आगे जाकर उसके बैल पहले से लगे कड़ी-कड़ी पत्तियों को खा जायेंगे और हमारे जाने पर उसमे नयी नयी पत्तियां निकल आएँगी जिसे हमारे बैल बड़े चाव से खायेंगे, रास्ते मैं रेगिस्तान आएगा जिसमे गड्ढा खोद कर वे पानी निकल चुके होंगे, जिससे पानी के लिए मुझे ज़्यादा Hard work नहीं करनी पड़ेगी, फिर वह लालची ऊंचे दामो में बेचेगा, और उसके लगाये गए ऊंचे दामो में का फ़ायदा मुझे भी मिलेगा, इस प्रकार विवेक ने सोचने के बाद उसने बाद में जाने का फैसला किया, आविवेक ने अपनी गाड़ियों की जाँच पड़ताल किया उसके बाद आवश्यक सामन ले कर वह एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश सामान बेचते हुए रेगिस्तान के प्रदेश में पहुच गया।

वहां से आगे इंसानों के रहने वाली बस्ती में पहुचने से पहले बहुत से कठिनाइयों का सामना करना था, आगे फाँक प्रदेश थे चोरों का प्रदेश, हिंसक जंतुओं का प्रदेश, दैत्यों का प्रदेश, बिना पानी का प्रदेश, ये प्रदेश काफी मीलों फैले हुए थे, अब अविवेक को यह साठ मील का फासला तय करना था, जिन गाड़ियों सामान बिक गया था उन गाड़ियों पर पानी से भरे मटके व खाने पीने का सामान रखवाया और आगे एक Dangerous प्रदेश में दाखिल हो गया, चोरों व हिंसक पशुओं का प्रदेश पार करते हुए वह दैत्यों के प्रदेश में पंहुच गया।

इस प्रदेश के दैत्य बड़े ही माया वी थे दैत्यों ने इस काफिले को देखा, और वे बहुत हे खुश हुए, उन्होंने पाँच सौ आदमी एक हज़ार बैल जो उनके साथ खाने पीने का सामान था, इन सबको खाने का Plan करने लगे, दैत्यों के सरदार ने सोचा की अगर किसी वजह से इनके पानी के मटके फेंकवा दे तो काम बन जाये, क्योँ की पानी के आभाव में यह बहुत कमज़ोर हो जायेंगे और फिर इन्हें मार कर आसानी से खाते रहेंगे।

दैत्यों के सरदार ने माया वी शकितियों का सहारा लिया, माया वी से उसने सफ़ेद बालों वाले बैल बनाये और माया की गाड़ियां, और माया की गाड़ियों में कीचड़ लगवा दिए, जिससे ऐसा लगे की गाड़ियाँ कीचड़ से निकल कर आ रही हों, सभी ने आदमियों का रूप बना कर .धनुष,तीर,तरकश इत्यादि हथियार धारण कर लिए ,नील और सफ़ेद कमल की मालाएं पहन कर अपने बाल गीले कर लिए, ऐसा जैसे उन वस्त्रों से पानी टपक रहा हो, ख़ुद को एक रथ में राजा की तरह रथ में बैठ गया, उसके आगे पीछे नौकर चाकर सेवक की तरह सब चल रहे थे, उनके गीले कपड़ों से पानी टपक रहा था, ऐसे  लग रहे थे जैसे महासरोवर पार कर के आ रहे हों।

उस रेगिस्तान में तीज गरम हवा चल रही थी, हवा में धूल उड़ रही थी, हवा कभी आगे से आती कभी पीछे से आती उसके सेवक उसे धूल से बचाते हुए चल रहे थे, उस समय वह अविवेक के करीब पहुचने वाला था हवा आगे की तरफ से चल रही थी, जब वह बंजारे के करीब पंहुचा तो उसने अपना रथ एक तरफ किनारे की और करवा लिया दैत्य ने पूछा ''कहाँ जा रहे हो ? सब कुशल से तो हो ?बंजारे ने कहा जी ! कुशल से हूँ ! वनारस से आ रहा हूँ, सामान बेचने जा रहा हूँ।
अच्छा आप ये बताइए, मैं आप के कपडे और बाल गीले देख रहा हूँ, बालों से पानी टपक रहा है, आप लोगों के हाथों में कमल का फूल दिख रहा है, 

क्या आगे रस्ते मैं बारिश हो रही है, या आगे कोई नदी या तालाब है, बंजारा बड़े ही Excited हो कर पूछा ? दैत्य ने जवाब दिया ! जी हाँ ! आपकी बात बिलकुल सही है, दैत्य ने (अपनी अंगुली का इशारा करते हुए कहा ) वो देखो जो हरे रंग की लाइन दिख रही है उधर घाना जंगल है, और वहां बहुत मुसलाधार बारिश हो रही है, उधर के पहाड़ी दरारों में काफी पानी जमा हुआ है, उन दरारों के बीच से पानी की धाराएँ निकल रही है, फिर गाड़ियों की तरफ इशारा करते हुए दैत्य ने पूछा " इन गाड़ियों में क्या-क्या सामान है " बंजारे ने कहा -इस गाडी में वनारस के कपडे है।

तो किसी में खाने पीने की चीजें है यही सब ! तब दैत्य ने पूछा और उस पीछे वाली गाडी में बहुत सारा सामन लदा दिखाई दे रहा है ,उसमे क्या है, बंजारे ने कहा पानी है ,दैत्य ने कहा मगर, आपको पानी की क्या ज़रूरत है आगे तो जल का भण्डार ही है, आप इतना सारा वज़न क्योँ ढो रहे हो ? मटकों से पानी गिरा कर आराम से मस्त होकर क्योँ नहीं जाते ठीक है ! आप लोग जाइये मुझे देरी हो रही है, मैं चला यह कह कर दैत्य आगे की ओर निकल करा और आर दूर जाके आँखों से ओझल हो गया, फिर दैत्य अपने नगर की और चला गया उसका काम बन गया था।

उस Idiot बंजारे ने दैत्य की बात मान ली जैसा नाम वैसा काम अविवेक का काम भी अविवेक जैसा, उसने सारे मटके फोड़वा दिए अपने आस पास चुल्लू भर पानी भी नहीं रखा आगे काफिला ले कर आगे की तरफ बढ़ गया, कुछ दूर जाने पर आदमियों को प्यास लगने लगी मगर पानी तो अब था नहीं रस्ते में पानी कहीं नहीं मिला वे प्यासे दिन भर चलते रहें सूरज डूबने पर आराम करने के लिए गाड़ियाँ खड़ी कर दीं गाड़ियों का घेरा बना कर उनके पहियों में बैल बांध दिए गए न बैलों को पानी मिला न मनुष्यों को बिना पानी के किसी ने भी खाना नहीं खाया सभी तड़प कर सो गए ,

रात में सभी दैत्य अपने निवास से बहार आये सभी आदमियों और बैलों को मार कर खा गए हड्डियाँ वहीँ बिखेर कर अपने नगर वापस चले गए गाड़ियाँ वैसी की वैसी पड़ी रही मुर्ख बंजारे ने अपनी अज्ञानता के चलते ख़ुद तो मरा ही और अपने साथ आदमियों और बैलों को भी मरने पर मजबूर कर दिया उस मुर्ख अविवेक के एक-डेढ़ महीने बाद विवेक अपनी पाँच सौ गाड़ियों के साथ निकल पड़ा लगातार रास्ता पार होता हुआ उसी रेगिस्तान वाले पदेश में पंहुचा उसे पाता था हमे साठ मील प्रदेश से गुजरना होगा इसलिए उसने गाड़ियों पर पानी वगैरह ज़्यादा मात्रा में रखवा लिया और ढिंढोरा पिटवा दिया उसने आदमियों को हिदायत दी की अब हम लोग रेगिस्तानी इलाके से गुजरने वाले हैं।

इस लिए बिना मुझसे पूछे बिना पानी की एक बूंद भी बेकार में Wast मत करना साठ हज़ार मील तक हमे अपने साथ लाये हुए सामन के साथ हे तय करना है इसके अलावा हमसे पूछे बगैर किसी चीज़ को ना हाथ लगाना न खाना इन प्रदेशों में किसी भी पत्ते फूल या फल को जिसने पहले कभी न देखा हो मुझसे पूछे बिना बिलकुल मत खाना।

इस प्रकार सब को समझा कर बंजारे ने आगे की रेगिस्तान प्रदेश  में Entry किया अब वे रेगिस्तानी इलाके का आधा रास्ता पार कर दैत्य प्रदेश में पहुँच गए, दैत्यों ने इस काफिले को दूर से हे देख लिया, दैत्यों ने फिर से अपना नाटक रचा वह पहले की तरह फिर से अपना होलिया बना कर सामने आया विवेक ने उसकी और गौर से देखा दिन में किसी भी चीज़ की परछाई रौशनी में दिखती है पर उन सब की परछाई नहीं दिखी, विवेक समझ गया कि दाल में कुछ काला है।

विवेक ने देखा इस रेगिस्तानी इलाके में ये एक दम Normal हैं और की इन सब की आँखें लाल हैं, पक्का ही इनसब ने अविवेक बंजारे के साथ कोई धोखा किया होगा उस Idiot बंजारे का सारा पानी फेंकवा दिया होगा उन्हें खाने पीने के लिए तड़पाया होगा फिर ये सब उन्हें मार कर खा गया होगा दैत्य अविवेक की तरह इसका भी पानी और फेंकवा देना चाहा लेकिन विवेक ने कहा हम ऐसा नहीं कर सकते, बिना पानी देखे हम अपना पानी नहीं फेंक सकते हैं जहाँ पानी मिलेगा हम ख़ुद हे अपना बोझ हल्का कर लेंगे दोनों काफिले अपने अपने मार्ग पे आगे बढ़े दैत्यों का काफिला तो आगे से आ रहा था, इसलिए इसके पीछे की और बढ़ चला दैत्यों का काफिला गुज़र जाने के बाद सभी गाड़ियों की विवेक ने रुकवाया।

सबको एक जगह इकठ्ठा किया और पूछा-भाइयों आप लोगों ने सुना ! वह मनुष्य ! क्या कह रहा था ? वह जो आगे हरे लाइन दिख रही है उसके आगे मुसलाधार बारिश हो रही है ये लोग कमल की मालाएं पहने हुए थे इनके कपड़ों और बालों से पानी टपक रहा था आगे पानी होने का लालच ले कर ये हमसे पानी फेंकवाना चाहते थे क्या आप लोगों ने किसी रेगिस्तान में तालाब या कमल खिलने की कोई बात सुनी है सब ने कहा -"नहीं इस प्रदेश में तो हमेशा सुखा रहने की बात बताते हैं।

विवेक ने कहा- फिर वे लोग बारिश होने की बात क्योँ कर रहे थे क्या आप लोगों को कोई बारिश का आसार दिखाई दे रहा था अगर बारिश हुई भी होती तो हवा में नमी कितनी दूर तक अहसास कराती है, बहुत दूर तक एक ने कहा" फिर विवेक ने कहा क्या किसी ने सर्द हवा का अहसास किया ? "नहीं " क्या आसमान में बादल दिख रहे हैं ? क्या आसमान में में बिजली चमकती हुई दिख रही है, तो भाइयों क्या किसी को बिजली चमकने की या गरजने की आवाज़ सुनाई दी है ? सबने कहा- "नहीं "पक्का हे वे दैत्य थे, वे सब हमारा पानी फेंकवा देना चाहते थे ताकि हम कमज़ोर हो जायें और वे हमे मार के खा जायें।

कोई शक नहीं इसका हमे आगे Proved मिल जायेगा ये लोग अगले बंजारे का पानी फेंकवा कर ज़रूर ही आदमियों और बैलों को मार कर खा गए होंगे, उन सभी की गाड़ियाँ जैसी की तैसी पड़ी होंगी, वह व्यापारी ज़रूर ही कम अनुभव हीन रहा होगा, इस लिए हम पानी का एक भी बूंद बर्बाद किये बगैर आगे जायेंगे "हांकों गाड़ियाँ" विवेक का काफिला आगे बढ़ा कुछ दूर आगे जाने पर आविवेक की गाड़ियाँ ज्यों की त्यों सही सलामत कड़ी नज़र आयीं आदमियों और बैलों की हड्डियाँ बिखरी मिलीं विवेक ने रात रुकने का फैसला वहीँ किया उसने गाड़ियों को वहीँ पर खुलवा दिया।

यह भी पढ़ें :- चिड़िया ने कैसे अपना बदला लिया 

गाडियों की घेरा बंदी कर बीच में तम्बू गाड़ दिया बैलों को भी घेरे के अन्दर पहिये में बंधवा दिया दिन रहते सबने खाना खाया और रात भर हथियार लेकर सामूहिक तौर पर पहरा देते हुए रात गुज़ारी सुबह होते ही बैलों को घास पानी खिला पिला कर कमज़ोर गाड़ियों को वहीँ छोड़ दिया और मजबूत गायियां और कीमती सामानों को लेकर अपने कम दाम वाले सौदों को छोड़ कर आगे बढ़ गया अपने बाज़ार पहुच कर दो गुने तिगुने रेट से मुनाफा कमा कर अपना सारा सामन बेचा और पूरे ग्रुप के साथ अपने शहर वापस आ गया। 

23 Mar 2017

अन्ध विश्वास की दौड़

वाराणसी के पास के जंगल में एक खरगोश रहता था जंगल के एक तरफ ताड़ और बेल के बहुत से पेड़ थे खरगोश उन बेल और ताड़ के जड़ के पास रहा करता था एक दिन वह ताड़ की जड़ के नीचे सोया हुआ था, उसने सोते सोते सोचा यदि यह महान धरती उलटने लगे तो मैं कहाँ जाऊंगा ? उसी समय एक पाक हुआ बेल निचे गिरा आवाज़ आयी धड़ाम ! 
Run-the-blind-faith-andhviswas-ki-daud
आवाज़ सुनते ही उसने समझ सचमुच धरती उलटने लगी, उसने इधर देखा न उधर, वह भागने लगा भागो-भागो धरती उलटने रही है आवाज़ लगता हुआ भागने लगा ! उसे भागता देख दूसरे ख़रग़ोश ने उससे पूछा ! अरे भाई कु भाग रहे हो ! क्या बात है क्योँ डर कर भाग रहे हो, वह रुक नही और भागता हुआ बोला कुछ मत पूछो बस भागो जल्दी, धरती उलट रही है आवाज़ सुनते ही, इतने में दूसरा खरगोश भी भागने लगा, इसी तरह जो  भी आगे मिलता, पूछने लगता और अन्ध विश्वास की दौड़ भागने लगता ।

हज़ार ख़रग़ोश एक साथ भागने लगे, उन्हें भगता और चिल्लाता देख हिरन भी पीछे भागने लगे, फिर, नील गाय,भैंस,बैल,बाघ, और बाकी जानवर भी भागने लगे, काफी मीलों तक जानवरों की कतार बन गयी उनसबको भगता देख जंगल का राजा शेर पास पहुंच कर पूछा ! अरे तुम सब क्यों भागे जा रहे हो ? क्या बात है ?

धरती उलट रही है ! शेर ने सोचा - धरती सकती ऐसा मैंने कही नही सुना, ज़रूर इंसबको कोई गलत हुई है इसलिए सभी भाग रहे हैं ये सब तो भागते-भागते अपनी जान गवाँ बैठेगे, मुझे इन सबकी हिफाज़त करनी चाहिए ।
उसने दौड़ कर सबसे आगे कर रास्ते में जाकर तीन बार ज़ोर से गरज़ने की आवाज़ की ! शेर की दहाड़ सुनकर सभी रुक गए ! वे  वे सभी इकट्ठे हो गए ! शेर ने उनसे पूछा - क्यों भाग रहे हो ?
धरती उलट रही है

धरती को उलटते किसने देखा ?
एक ने कहा हाथी जनता हैं, हाथी से पूछा -हाथी बोला मैं नही जनता, बैल से पूछा -बैल ने कहा मैं नही जनता, नील गाय से पूछा -नील गाय ने कहा मैं नही जनती, हिरन से पूछा -हिरन ने कहा ख़रग़ोश जनता है ।
शेर ने खरगोश से पूछा - क्या तूने धरती उलटते हुए देखा है ?
हाँ हुज़ूर ! मैंने देखा है !
कहाँ देखा है ?

"जंगल के पच्छिम तरफ बेल और ताड़ का वन है, मैं वहां ताड के पेड़ के साये में सोया हुआ सोचा रहा था, अगर धरती उलटने लगे तो मैं जाऊंगा ?  वक़्त 'धड़ाम' की आवाज़ सुनाई पड़ी ! मैं आवाज़ सुनकर भागने लगा सोचा सचमुच धरती उलटने लगी, ! शेर ! ने सोचा फिर तो वहां बेल गिरा होगा, और इसे लगा की धरती उलट रही है ! फिलहाल सच क्या है क्या है मुझे पता लगाना होगा ।

सभी जानवरों को तसल्ली से समझते हुए शेर ने कहा " तुम लोग घबराओ मत मैं पता लगा कर आता हूँ, तब तक सब यहीं ठहरो " उसने खरगोश को अपनी पीठ पर बैठाया और बोला चल वह जगह बता झा धरती उलट रही थी और हवा जैसी रफ़्तार से दौड़ कर उस जगह पर जल्दी से पहुँच गया, उसने खरगोश को पीठ से उतार कर कहा - कोण सी जगह है वह ?
हुज़ूर 'डर लगता है "
डर मत मैं तेरे साथ हूँ "
खरगोश डरते-डरते अपने रहने वाली जगह पर पहुंचा

! बोला हुज़ूर यही वो जगह है ! यही से 'धड़ाम' से आवाज़ आयी हुई थी
शेर ने चारो तरफ नज़र धुमा कर निगरानी की ! एक पका हुआ बेल दिखाई दिया, जो ज़मीन पर गिर कर धंस गया था, वह समझ गया उसने बढ़ कर बेल को उठा लिया " देखो यही है तुम्हारी धरती, यही बेल ऊपर से गिरा है" इसके गिरने की आवाज़ सुन कर तुम लोग बेवकूफों की तरह भागने लगे ! 

फिर ख़रग़ोश को पीठ पर बिठाया और सबके पास पहुँच कर वह पका हुआ बेल दिखा कहा -देखो यही पाका बेल डाल से गिर कर धड़ाम से गिरा था ।
और इसी दर की वजह से यह ख़रग़ोश डर कर भागा है '' धरती नही उलट रही "
तुम सब बेफ़िक्र होकर अपने घर वापस जाओ।
इस तरह से जंगल के राजा ने सबकी हिफाज़त की ।   


22 Mar 2017

बिना जज टैक्सी ड्राइवर और कोर्ट मुक़दमें का फ़ैसला

texi-driver-jaj-vakeel-aur-court-ka-mukadmaCourt का मुक़दमा मुलजिमों, वकीलों, गवाहों, और दर्शकों से भर गया था, 11:30 हो चुका था और Court की Chair खली थी, और इस Court के सामने विक्रम Taxi Driver की आज बारहवीं Hearing (पेशी) थी, पिछले चार Month से वह ग्यारह बार Court के सामने Present किया गया ,और हर Month पेशी की अगली तारीख़ पर ताल जाती थी, और इसके Case की बारी नही आती थी - पिछले चार Month से ग्यारह दिन वो Taxi नही चला सका था, और जब Taxi नहीं चलता था, तो घर का खर्च भी नहीं चलता है, सिर्फ Wife की ज़बान चलती है।

कोई बड़ा मुकदमा नहीं था इसका, इसने शहर के सबसे बड़े आदमी की कार को बड़ी रेस में पछाड़ा था इसके बावजूद भी इसने उस बड़े आदमी को अपने से आगे ना बढ़ने दिया, हालाँकि उस बड़े आदमी की गाड़ी इसके पेट की तरह भरी थी, और इसके Desire की तरह लम्बी और इसका रंग एक Hussy woman के make-up की तरह भड़कीला था, तो कभी विक्रम की Taxi ने मात दे दी, इसमें बकरम की Taxi से ज़्यादा इसके Speed का दख़ल था, Because मशीन तो इंसान के हाथों से ही चलती है।

बड़े आदमी कभी यह भूल जाते हैं, City का सबसे बड़ा आदमी एक मामूली Taxi Driver की जुर्रत पर ख़फ़ा हो गया था, और अगले चौक पे रुक कर इसने Traffic Inspector से इस कम हैसियत वाले Taxi Driver के ख़िलाफ़ Complain कर दी थी, विक्रम को इस Court से ज़्यादा से ज़्यादा 10 रूपये की Penalty होती But वह बड़ा आदमी बहुत अड़ियल Type का था, किसी तरह वो Court में पेशी के समय हाज़िर न होता था But बकरम को Court में हाज़िर हुए आज 11 दिन हो गए थे। 

इस ने घबरा कर अपने वकील से पूछा ? क्या आज जज साहब नहीं आएंगे,
क्या मालुम ! इसके वकील ने इसे बड़े Attitude से इसे जवाब दिया Because विक्रम ने अपने वकील को हर पेशी पर 3 रुपये देने का Promise किया था, और अपनी समझ में इसने बड़ा सस्ता सौदा Fix किया था. 
विक्रम का Guess था कि एक दो पेशियों में फैसला हो जायेगा। 

इसे क्या मालूम था कि Matter इतना लम्बा खिंचेगा कि इसे 3 के बजाए 33 रुपये देने पड़ जायेंगे, और वकील इसलिए इसे बड़ी Attitude से जवाब दे रहा था, आखिर 3 रुपये वाले को किस तरह से जवाब दिया जा सकता है, अब अगर 20-30 रुपये वाली बात होती तो वक़ील भी मुस्कुराता, हर वकील की मुस्कराहट उस के होंठों में छुपी रहती है, और इस मुस्कराहट हो बाहर लाने के लिए अलग-अलग Rate हैं किसी वकील की मुस्कराहट 5 रुपये पर खुलती है तो किसी की 50 रुपये तो किसी की 1000 रुपये पे खुलती है। 

वकील के मीटर और Taxi के Meter में कोई फर्क नहीं, विक्रम बड़ा Despair होके सोचने लगा, अब मैं इस ज़ालिम को 33 रुपये दे चुका हूँ मगर यह मुझसे कभी सीधे मुह बात नहीं करता Because मैं 3 रुपये वाला Renter जो हूँ Penalty तो मुझे तो 10 रुपये की होगी पर 33 रुपये दे चुका हुँ पेशकार से पूछिये अदालत आज रहेगी या नहीं, मेरा Taxi का नुक्सान होता है बकरम में बड़े उदास हो कर अपने वकील से पूछने को कहा ,,

lawyer-ask-qustion-for-the-caseवकील ने घड़ी देख कर कहा, ओह्ह 12 बजने को हैं मेरा एक मुक़दमा Court में और है मैं वहां जाता हूँ तुम यही Court के अंदर बैठे रहो या खड़े रहो, मगर तुम रहो यही अगर तुम्हारा बुलावा आ जाये तो मुझे फौरन Court से बुला लेना वकील अपना बड़ा सा Dress लहराता हुआ और बोरियों की तरह लटकती हुई पतलून को झड़ता हुआ Court number 2 की तरफ चला गया बहुत पहले इसने एक Advocate की बदसूरत लड़की के साथ शादी किया था यह सोच के की इस का ससुर अपने दामाद Advocate बना देगा, मगर शादी के कुछ ही महीने बाद वह Advocate ही चल बसा, फिर अगले दस साल में इसके बच्चे हुए और इसके कोट का कालर फट गया। 

तीन रुपये में तुम क्या कर सकते हो, जब Life में खटास ही खटास हो तो ज़बान पे मिठास कहा से आएगी, वकील ने Court number 1 से जाते हुए सोचा, विक्रम ने पहले तो Court reader से court के बारे में पूछने की कोशिश की को उसने इस झड़क दिया वह डर के मरे किनारे हो गया और काफी देर तक अपनी दाढ़ी को खुजाता रहा इसकी दाढ़ी बड़ी खूबसूरत थी ओए छोटी थी और इसकी आँखे बड़ी बड़ी थी इसके खानदान के सभी मर्दों को आँखें बड़ी बड़ी और खूबसूरत और छोटी छोटी दाढ़ियाँ थी। 

विक्रम ने चारों तरफ बड़ी बेबसी से देखा, Suddenly उसे Court room के Left side में उसे Judge साहब का नौकर नज़र आया Judge साहब जब अपने Private रूम से निकल कर Court के room में जाते थे। तो यह 2 कदम आगे बढ़ कर पुकारता था, एक तरह से Judge के आने का ख़बर देता था ,,
फिर Judge साहब अपना Black चश्मा और Black gown और दो फंदों वाला कालर पहने हुए तशरीफ़ लाते हुए और अदालत उनके Respect में खड़ी हो जाती है और उस वक़्त तक लोग खड़े रहते हैं।

जब तक की Judge साहब Court के ऊँचे chair पर बैठ न जाये,
Court बहादुर कब आयेंगे ,
अर्दली ठीक ग्यारह बजे आ जाते हैं न जाने आज क्या बात हो गयी है, Maybe आज तबीयत ख़राब हो,
तबियत खराब हो गयी है तो Court नही लगे गी हैं,
कोई दूसरा Judge नहीं आएगा?
कभी-कभी आता है जब पहला Judge छुट्ठी पे चला जाता है ,मगर आज क्या होगा, क्या मालूम ! अभी थोड़ी देर में Judge साहब का Phone आएगा। 

अभी अर्दली के मुह से बात पूरी भी न हुई थी की Telephone आ गया और Telephone सुनने के लिए Judge साहब के Private रूम में घुस गया, विक्रम भी इसके पीछे-पीछे चला गया और Telephone सुने लगा बकरम कमरे के अंदर खड़ा हो के इधर उधर देखने लगा साफ़ सुथरा कमरा था। एक तरफ Judge के खाने की मेज़ एक तरफ आराम करने की जगह थी लोहे की आलमारी थी, और एक तरफ Judge साहब की मद्रासी पड़गी जिसे बहन कर को Court के अंदर तशरीफ लाया करते थे। 

अर्दली (orderly) टेलीफोन सुन कर विक्रम की तरफ मुड़ा और बोला ! आज जज साहब नहीं आएंगे Because उन्हें जुखाम है But फ़ौरन Tone बदल कर बोला तुम अंदर कैसे आये ? नहीं मालूम था की इस कमरे अंदर मना है - चलो बहार निकलो ..!
अर्दली गुस्से से विक्रम की तरफ बढ़ा विक्रम गुस्से से अपना मज़बूत हाथ इसके मुह पे रख दिया,

Court number 5 का कमराः तमाशा देखने वालों और वकीलों से भरा था Because आज Judge की कुर्सी पर एक नया Judge बैठा था जिसे आज से पहले किसी ने न देखा था और वकील लोग ज़्यादा Excited थे कि Judge साहब किस तरह Judgment करते हैं ,इसकी जानकारी का क्या हिसाब किताब। इस वक़्त मुक़दमा बाला चन्द्र का था बाला चन्द्र ने अपने घर का एक कमरा एक बूढ़ी औरत और उसके बेटे को किराये पर दे रखा था बूढ़ी औरत और उसका बेटा दस साल से इसके कमरे में चले आ रहे थे और बड़े Respect के साथ इस मकान का Rent time पर दे दिया करते थे, But बूढ़ी औरत का जवान बेटा अपनी मिल में किसी Accident का शिकार हो गया और चल बसा वो बूढी औरत कुछ Month से Rent नही दे पाई थी इस वजह से बाला चन्द्र Court की मदत से उस बूढी औरत को कमरे से बाहेर निकालना चाहता था।

judgement-story-alphabet-word-imagesJudge ने बाला चन्द्र से पूछ ? तुम्हारे घर पे कितने कमरे हैं''
दस कमरे हैं बाला चन्द्र ने जवाब दिया-"
और तुम्हारे खानदान में कितने आदमी हैं"
मैं अकेला हूँ "
और तुम्हारी उम्र कितनी है '
70 बरस की उम्र है हुज़ूर '
तप 70 बरस के बूढ़े को 10 कमरे किस लिए चाहिए "
Judge ने पूछा -?क्या तुम 10 कमरों में से 1 कमरा इस बूढ़ी औरत को नहीं दे सकते जिसका जवान बेटा कुछ महीने हुए कारखाने में मारा गया ,,
बाला चन्द्र का वकील बोला - हुज़ूर Section number फला-फला के तहत से क़ानून कहता है "
और इंसाफ कहता है।

"नया Judge irritate होके बोला - और बाला चन्द्र का वकील वही खड़े-खड़े डर के सहम गया फिर नए Judge ने मुस्कुरा के बाला चन्द्र की तरफ देखा जो 70 बरस का दुबला पतला और कमज़ोर आदमी था जिसके चेहरे पर 70 बरस की कंजूसी से होने वाले जज़्बात का दाग़ थे वह अपने माथ सिकोड़े चुपचाप सबके सामने खड़ा था Judge साहब ने मुस्कुरा कर बाला चन्द्र की तरफ देखा और कहा '' तुम्हारे घर में कितने नौकर हैं ''
एक भी नहीं 'बाला चन्द्र ने जवाब दिया ''
क्या तुम्हे तन्हाई महसूस नहीं करते ,
वकील को बड़ी हैरत हुई - वह Judge साहब से पूछना चाहता था की वो किस तरह कि उन सवालों से मुक़दमे का क्या Connection है।

मगर कुछ कहने की हिम्मत न हुई,
कभी-कभी अकेला Feel करता हूँ''
क्या तुम कभी Feel करते ..! की कोई तुम्हारा कमरा झाड़ू पोछा करे तुम्हारे कपड़े वक़्त से निकल दे तुम्हारे ,नहाने का पानी रख दे, तुम्हारे लिए Lunch तैयार दे. और रात सोते वक़्त आहिस्ता से तुम्हारा पैर दबा दे,
जी महसूस करता हूँ ,
और अगर कोई इन खिदमतों के बदले तुम्हारे 10 कमरों के बड़े मकान में सिर्फ एक कमरा और दो वक़्त का खाना मगे तो क्या तुम इंकार कर दोगे,
बाला चन्द ने Hopeless हो कर कहा ''मगर हुज़ूर आज कल ऐसा इंसान दुनिया में कहा मिलते हैं, इसलिए मैं नौकर नही रखता। 

बूढी औरत का चेहरा ख़ुशी से खिल गया, और दोनों हाथ फैला कर Judge को दुआएं देने लगी ,
फिर इस ने बाला चन्द से डांट कर कहा, अब घर चल तेरे खाने का वक़्त हो गया,
बूढी औरत ने बूढ़े को हाथ से पकड़ लिया, और सारी अदालत खिलखिला के हंस पड़ी, बाला चन्द के वकील ने बहुत समझाया, बाला चन्द तुम घबराओ नही "मैं तुम्हारे फैसले के खिलाफ अपील करुगा''
बाला चन्द ने कहा। अब कोई ऐसा काम नही करोगे तुम ! यह फैसला मुझे Accept है,,
फिर वो बूढी के तरफ देखा और मुस्कुराया जैसे सुखी धरती पे निर्मल जल की धरा छूट रही हो ,
अदालत के कटघरे में एक बहुत खूबसूरत लड़की खड़ी थी, जैसे किसी ने खूबसूरत गुलदसता रख दिया हो, उसने पीले फ्रॉक पहने थी। 

Judge ने पूछा ?,तो तुम अपने Husband से Divorce चाहती हो ,
जी हाँ। 
क्या तुम्हारा Husband बेकार है ?
मेरे Husband के मुह से Smell आती है 
क्योँ आती है। 
इसे हर रोज़ खाने के साथ भुनी हुई लहसुन (Garlic) कहने का बहुत शौक है ,
तो तुम उसे रात को Toothbrush करने को क्यों मजबूर नहीं करती 
मैं तो कहती हु पर यह मानता नहीं ,
"अगर तुम सोने से पहले एक Toothpaste लगा कर इसके मुह में दे दिया करो तो क्या दांत साफ़ करने पे मजबूर नहीं हो जायेगा ''
लड़की चुप हो गयी फिर बोली-''और हुज़ूर यह आदमी रोज़ जूतों समेत मेरे बिस्तर में घुस आता है" 

तो भी जूतों समेत सो जाया करो Judge ने कहा ..बहुत आसान Idea है - दो दिन में ये आदत ठीक हो जाएगी ,
मगर उस लड़की का वकील बोला। ताज़िरातेहिंद की Section फला-फला के तहत अगर Husband ,,
तुम चुप रहो Judge ने वकील को डाँटते हुए कहा, Husband और Wife के बीच में बोलने वाले तुम कौन होते हो -''फिर Judge typist को अपना फैसला लिखवाते हुए कहा लिखो अगर Husband जूते पहन कर बिस्तर में घुसे तो Wife चप्पल पहन कर सोने का पूरा हक़ है Case dismiss !

अब कटघरे  में चार्ली टेक्सटाइल का मालिक खड़ा था, वह बेहद लम्बा और पतला था
इसके कानो में सफ़ेद हीरे जगमगा रहे थे और वह अपनी सफ़ेद रेशमी कमीज़ और धोती पहने हुए था इसकी हाथ की अंगुलिया कटघरे पर राखी हुई थी, बड़ी लम्बी नरम और नाज़ुक अंगुलिया दिखाई देती थी वह ऐसे आदमी की अंगुलियां दिखाई देती थी जिसने ज़िन्दगी भर नोट गिनने के सिवाए कोई काम न किया होगा और यह अदालत के कटघरे में आराम और सुकून से खड़ा था।

Judge ने कहा तुम Accept करते हो की तुम्हारे मिल में 
काम करने वाले एक मज़दूर का हाथ मिल की एक मशीन से कट गया
जी ! हाँ। 
और इसके बाद भी तुम उस मज़दूर को जुरमाना देने से इंकार करते हो ,
जी ! क्योँ?
क्योँ कि मज़दूर का हाथ इसकी लापरवाही से कटा है ,
मेरी मिल की मशीन खराब नहीं है,
मेरी मिल-वह तुम्हारी मिल कैसे हुई,
हुज़ूर मैं इस मिल का मालिक हूँ..
तुम इस मिल के मालिक कैसे हुए ?
हुज़ूर मैंने इस पर रुपया लगाया है 70 लाख रुपया ,
और कितना कमा चुके !

तीन करोड़ 44 लाख अगर इस मिल में एक भी मज़दूर न होते तो Profit कितना आता, यह किए हो सकता है हुज़ूर !अगर मिल में मज़दूर काम न करें तो Profit खा से आएगा, तुम Accept करते हो की तुम्हारा 70 लाख रुपये के बजाए खुद कोई चीज़ नहीं है, जब तक इंसान के हाथ इस को न चलायें, मिल मालिक ने झिझकते हुए कहा, यह तो सही बात है हुज़ूर तो जो हाथ Profit देते हैं तो उन्हें Profit का हक़ दार क्योँ न समझा जाये। 
इसके हाथ अगर किसी गलती से तुम्हारी या इन की चूक से कट जाये तो तो  इन हाथो के मालिकों को ज़िन्दगी भर पेंशन क्योँ न दिया जाये। 

मिल मालिक का वकील चिल्लाया '' Section फला-फला के तहत मिल मालिक ,,
किसी शरीफ आदमी की तारीफ को वकील साहब, Judge ने गरज कर मिल मालिक के वकील से कहा,
फिर मुद कर Typist से बोला लिखो फैसला '' टेक्सटाइल मिल के मालिक ने 70 लाख रुपया लगा कर 3 करोड़ 44 लाख रुपये वसूल कर लिया लहज़ा अपना रुपया सूद के साथ वापस पा चुका है" आज से यह मिल इसका नहीं है बल्कि उन लोगों का है जिन्हो ने आज तक अपने हाथों की मेहनत की पूजी लगाई है और आज तक लगते आ रहे इसके अलावा मिल मालिक अपने हाथो को इस मिल में नही लगता और इस पर मुनाफे का पूरा दावे दार बनता है इसलिए अदालत यह फैसला करती है की मिल मालिक के मुनाफे में से हाथ कटे हुए मजदुर को पूरी ज़िन्दगी Pension जारी की जाये और मिल मालिक के दोनों हाथ काट दिए जाये क्योँकि वो हाथ कोई काम नहीं करते और हमारे देश में सिर्फ काम करने वाले हाथो की ज़रूरत है। 

क्या बकवास है,मिल मालिक ज़ोर से चिल्लाया -
यह Judge है या कोई पागल आदमी है 'बहुत से वकील गुस्से से बोल पड़े'
नया Judge कुछ कहने वाला ही था कि एक फटीचर सा वकील अपने फाटे कलर को सहलाता हुआ Court में Enter हुआ और कहने लगा,
इसे पकड़ लो यह Judge नहीं है यह तो मेरे Client है बकरम,
Taxi वाला यह Judge की कुर्सी पे क्योँ और किस तरह बैठा है ,
Court number 2 में विक्रम Taxi वाले को पेश किया गया तो अदालत ने इससे पूछा "तुम्हारा नाम ?
विक्रमादित्य। 
age ?
दो हज़ार साल"
क्या काम करते हो ?
Taxi चलता हूँ। 

तुम ने अदालत के Absence में ये हरकत क्यों की ?अदालत Number 2 ने पूछा ?
सब लोग हैरत से विक्रम टैक्सीवाले की तरफ देखने लगे, देर तक उसका सर झुका रहा फिर धीरे से सर उठाया और बोला हुज़ूर ज़िन्दगी Taxi की रफ़्तार से भागती है, लेकिन क़ानून अभी तक बैल गाडी की रफ़्तार से चलता है But मैं बेक़सूर हुँ हुज़ूर मैं अदालत की कुर्सी पर नहीं बैठा था, मैंने तो बस इसके Accelerator पर पाओं रखा था।

कुछ महीने की क़ैद बा मुशक्कत ''अदालत ने अपना फैसला सुनाया, और पुलिस के दो सिपाही विक्रमादित्य को पकड़ कर अदालत से बहार ले गए।