Header Ads

Latest Post
recent

इमोशनल स्टोरी खुद को ज़िंदा रखूंगा या नही पर : तन्हाई का फूल ज़िन्दा रहेगा

Emotional-story-it-self-alive-or-not-at-will-flower-loneliness-will-live-on
तन्हाई का फूल
"तुम्हे  किस तरह का माकन चाहिए"  
किराये पे माकन दिलाने वाला दलाल मुझसे तुम कहके कभी न बात करता But इस ने मेरी पतलून पे नज़र डाली थी "मुझे ऐसा माकन चाहिए" की कमरा तो बेशक एक हो लेकिन साथ ही Toitel Bathroom Separate हो सामने लान "लान" में हरी घास हो और किनारे-किनारे फूल लगे हों फूलों के दरम्यान एक धूप खाने वाली छतरी हो। और छतरी के नीचे एक Gorgeous हसीना बैठी हो।

दलाल ने मेरी पूरी बात सुनी और बोला "Mister तुम्हे मकान के बजाए अपनी अकल का बीमा करना चाहिए" आदमी समझदार मालूम होता है मैंने दलाल की तरफ हयरत भरी निगाहों से देख कर सोचा। 
दलाल मेरी तरफ धीरे से आ कर पूछा किराया क्या दोगे ? 25 रुपए !
दलाल ज़ोर से चीख कर "25 रुपए में सिर्फ घांस ही मिलती है माकन नही" मैंने कहा मैंने तुम्हे माकन दिलाने के लिए 3 रुपए दिए हैं यह बात तुम्हे रकम वसूल करने से पहले नही कहनी चाहिए थी 

"अब सीधे-सीधे माकन दिलाओ" 
दलाल तीन रुपये की रस्सी से बंधा-बंधा अड़ियल टट्टू की तरह चलने लगा मैंने सोचा हर इंसान के गले में एक रस्सी होती है रुपए वाली तीन सौ तीन रुपए तीन हज़ार तीन लाख वाली लेकिन हर इंसान के गले में होती है यू तो मुझे भी अपने लगे के लिए एक रस्सी की तलाश थी लेकिन तीन रुपए वाली नही फांसी वाली रस्सी ''मैंने मरने का फैसला कर लिए था''

चलते चलते मेरे दिल ने मुझ से पूछा ? 
जब तुमने मरने का फैसला कर ही लिया है तो माकन ढूंढ़ने की क्या ज़रूरत है "मैंने अपने दिल को कहा तुम चुप रहो" तुम्हारी वजह से मैं एसी हालत में पहुंच गया हू तुम्हारे वजह से गलत औरत से मुहब्बत की
अपने लिए गलत पेशा अपनाया, अपने दोस्त गलत चुने, गलत Track पे चला गया । 

अब तुम मेरे और मेरी मौत के दरम्यान बोलने वाले कौन होते हो ?
मैं बोलता कहाँ हुँ..! दिल ने कहा "मैं तो बस प्यार से पूछना चाहता हूँ" आखिर जब मारना तय कर ही लिया तो माकन की क्या ज़रूरत है क्योँ न एक पेड़ तलाश लिया जाये, एक नदी एक झील एक समंदर या फिर चुटकी भर कोई तेज़ सा ज़हर, तुम बड़े चालू हो " मैंने दिल से कहा" आज तक तुम मुझे न समझ सके "मुझ जैसा rude इंसान एक सस्ती और temporary मौत कैसे मर सकता है ? 

मैं एक Easygoing मौत चाहता हूँ जो एक खूब सूरत कमरा और Lamp की थम-थम आती सुनहरी रौशनी और मेरे हाथों में छलकता हुआ जाम छत के fan के हुक से लटकती हुई रेशम की डोरी से झूलता हुआ मेरा 'जिस्म' और खिड़की के बाहर एक खूबसूरत लॉन "लॉन" में हरी हरी घांस "घांस" के किनारे-किनारे फूल, धूप खाने वाली एक वाली एक छतरी, छतरी के नीचे एक हसीना, चाहे वो हम साये की Wife क्योँ न हो..! 

रात को धूप कहां से आएगी, और वह हसीना रात के वक़्त खुली छतरी में तुम्हारे लिए क्योँ ठिठुरे गी..?
'दिल ने पूछा ? दिल चुप हो गया ! और सामने एक मकान भी आ गया बहुत Excellent Room था एक लहराए दार सीधी, पर चढ़ कर पहली मंज़िल पर एक खूबसूरत सा कमरा था हर दीवार का रंग अलग अलग था gray gold,orange,burgundy wall से सटा अलमारी एक Blue stone वाली दीवार से attached एक Room  और भी था जिसका Colour,Pink,Purple और Maroon थीं Room के एक तरफ और Chamber बनी  हुई थी, इस से सटा हुआ एक कमरा और था जिसमे दो आलमारी थी, एक मेरी दूसरी मेरी बीवी के लिए, दीवार से seprad आईने थे पहले दो साल इश्क़ करने के लिए, फिर सारी ज़िन्दगी मुह चिढ़ाने के लिए, 

मैं Room और Floor देख कर Romantic Mood में सोचने लगा, यहां सोच में मैं इतना Excited हुआ की Room से सटे एक Bathroom में दाखिल हो गया, Bathroom बहुत साफ़ और सुथरा था Floor पर सफ़ेद Tiles और दीवारो पर Violet रंग की Tiles और Green Colour का Wash Basin और इस Colour का Bath Tub, सामने खिड़की के निचली मंज़िल का बरामदा, और बरामदे से बाहर सामने का लॉन नज़र आता था जिस पर हरी हरी घांस और Corner पर फूल खिले हुए थे, इस के क़रीब सात रंगो वाली धूप खाने वाली छतरी के नीचे एक 17 से 18 साल की एक हसीना दुनिया का Great Nonsense Detective Novel पढ़ रही थी,

मैंने खुश हो  के कहा ! आहा :) ! Suicide करने  के लिए कितनी अच्छी जगह है..!
फिर मैंने फौरन मुड़ कर दलाल से पूछा इसका किराया कितना होगा ?
चार सो रूपये !

"मैंने बड़े Rudely हो कर दलाल से कहा, मैंने तुमसे 25 रुपय वाला Room दिखाने को कहा था,, 
दलाल मुझ से कुछ कहे बगयेर सीढियाँ उतर गया..!
दूसरा मकान दलाल ने मुझे दिखाया वह भी अच्छा खासा था पहले मकान की तरह Decorated तो न था न दीवारों का रंग रूप, हाँ पर साफ़ सुथरा ज़रूर था कमरे दो थे  पर दोनों एक ही Bathroom में खुल ते थे । एक किचन था किचन के सामने एक बरामदा था । बरामदे के नीचे एक खुशनुमा आँगन में हरी हरी घांस आ गयी हुई थी। 

इसमें फूल कहा हैं; मैंने दलाल से पूछा ?
फूल खुद उगा सकते हो ! वो बोला ! धूप वाली छतरी खुद खरीद सकते हो ! छतरी के नीचे किसी हसीना के बजाए तुम खुद अपनी Wife को बिठा सकते हो !
फूल उगने के लिए मेरे पास वक़्त नहीं हैं ! मैंने कहा ! और धुप वाली छतरी के लिए मेरे पास पैसे नही हैं ! और Wife.? मियां अगर Wife होती तो मैं माकन ढूंढ रहा होता !

अच्छा खैर जिस काम के लिए मुझे मकान चाहिए यह ठीक रहेगा मैं घांस फूस का गमला रख दूंगा, गमले के ऊपर एक धूप वाली छतरी के बजाये मैं अपनी काली छतरी खोल कर रख दूंगा..!
और इसके अंदर एक हसीना का Imagine भी करुँगा, मगर इस का किराया क्या होगा ?
Idiot ! अब ढाई रुपए, वाला मकान क्योँ दिखाते हो ? मुझे सिर्फ 25 रुपय वाला मकान चाहिए । 
दलाल ने मेरे Question का Answer न दिया चुपके से माकन के बाहर हो गया !

तीसरा Room जो मैंने देखा इसमें सबसे पहले Bathroom आता था फिर सीढ़ियों चढ़ के एक कमरा आता था फिर कमरे से सटके अलमारी फिर किचन था हालांकि एक Bathroom होना चाहिए था इस Society में जितने Room बने हुए है, इनमे रहने के वाले कमरे के साथ किचन Separate किया हुए हैं और Bathroom सीढ़ियों में ! ऐसा क्योँ ? ऐसा इस लिए Because Wife हर वक़्त अपने Husband पे नज़र रख सकती है देखो इस किचन के साथ वाला कमरा नीचे जाने वाली सीढ़ी के सामने का Bathroom तक नज़र आता है

मैंने कहा अच्छा ! हुआ कि मेरी अभी तक कोई Wife नहीं है जो मुझ पे उसकी नज़र का डर हो। और रहा Bathroom दूर होने का सवाल तो मेरा क्या है मैं Bathroom को किचन और किचन को Bathroom के तौर पे Use कर लूँगा, मुझे तो दोनों एक जैसे नज़र आते हैं, दिल ने मेरे इस Thought को शाबाशी देते हुए कहा ये  तो आप जाने या आपका मालिक जाने !
अगर मकान पसंद है तो निकालिये 100 रुपये,
100 रुपये? मैंने चीख के कहा..
100 रुपय महीने इस माकन का Rent होगा.?
अरे भाई ! मैंने हाथ जोड़ कर दिल से कहा "मैंने तुम्हे सिर्फ 25 रुपये वाले माकन दिखाने को कहा है"
"और तुम हो के सैकड़ों की बात करते हो"

दलाल ने कहा ! मेरा काम तो आपको Room दिखाना है क्या मालूम आपको कौन सा पसंद आ जाये। यह मैंने लोगों को अक्सर देखा है कि 25 रुपये वाला माकन ढूंढने आते हैं और 400 रुपये वाला Room ले लेते हैं और एसे भी देखे हैं कि लोग 400 रुपये वाले मकान लोग ढूंढने आते हैं और 25 रुपये वाले मकान Fix कर लेते है Customer का कुछ नहीं पता। 
अब वह दलाल मुझे जिस Building के अंदर मुझे ले गया वह पांच मंज़िला वाली जहाज़ नुमा थी दलाल ने कहा इस Building के अंदर Meat खाना मना है। प्याज खाना मना है। Drink करना मना है 
यू तो Wife के साथ रहना भी मना होगा।  मैंने पूछा ?
दलाल ने मेरी तरफ Surprise हो के देखा। 
फिर यहाँ सोचना भी मना होगा, आसमान की तरफ देखना भी मना होगा Bed पे अंगड़ाई लेना भी मना होगा कंधे पर Towel डाल कर दरवाज़े पे खड़े हो कर सीढ़ियों से उतरती हुई किसी हसीना को निहारना भी मना होगा :)
Mister मैं  मकान दिखाने आया हूँ। मैं भी किसी आश्रम (hermitage) में Admission कराने नही आया हूँ।

अब दलाल मुझे जिस माकन में ले गया वह वाकई में 25 रुपये वाला मकान मालूम होता था न लॉन न फूल न घांस Fourth floor पे एक Room था Windows पर मोंटी मोंटी Rod लगी थी ताकि माकन मालिक के बार बार पैसा मांगने के दर से किराये दार Window से कूद कर भाग न जाये दीवारों पर तीस बरस पुरानी Paint, छत पे लगी मकड़ी के जालों के बीच बिजली का एक पुराना सा Fan लटक रहा था मैंने भी अपनी ख्यालो के बेच खो गया और सोचने लगा के, चलो फूल न सही, सामने लॉन न सही, हसीना की हंसी न सही कम से कम एक Fan तो मिला।जिससे लटक के जान दी जा सकती है। 
मगर Bathroom कहाँ है?

वो साथ है दलाल ने एक कोने की तरफ इशारा किया, मैं जल्दी से Bathroom में घुस गया । Bathroom में एक बड़ी बड़ी आँखों वाली मोटी सी औरत बैठ कर मुर्गी का पर नोच रही थी, मुझे देख के वो बहुत ज़ोर से हंसी और जब उसके दांत बाहर आए तो पान पीक में रंगे दांत बहुत Dangerous दिखे ! मैं घबरा के पीछे भागने वाला ही था की उसने मुझे इसका किराया देने को कहा ? तुम नए किराया दार मालूम होते हो, मालूम होता नही हूँ।  

बल्कि मालूम करने की कोशिस कर रहा हू, यह Bathroom किस का है आपका या मेरा, हम दोनों का न मेरा न तुम्हारा हमारा और मेरी भी इस ने एसे कहा की इसका और मेरा ज़िन्दगी भर का रिश्ता पक्का हो गया हो, मैं घबरा कर के कदब पीछे हटा, इस ने तुरंत एक कदम आगे बढ़ कर कहा। Don't Worry  तुम आ जाओ मिल जुल कर गुज़ारा कर लेंगे । 
'यह कहे कर वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई' मैं घबरा कर दरवाज़े तक पहुंच गया ,

उसने मुर्गी का आखरी पर ज़ोर से नोच कर अपने मुह में डाल लिया और अपने दांत साफ़ करते हुए बोली अब 50 रुपये में को मकान मालिक कमरे के साथ देगा। मैं Building से बाहेर आके दलाल से बोला ! अगर तुम मुझे 25 रुपये वाला माकन नही दिला सकते हो तो मेरे 3 रुपये वापस कर दो "

दलाल ने कहा अब शरीफों के मुहल्ले में 25 रुपये वाला माकन नही मिल सकता ! हाँ अगर आपको गन्दी बस्ती में रहने का Problem न हो तो आपको मैं 25 रुपये वाला मकान दिखा सकता हूँ,
चलो-चलो माकन दिखाओ बातें न बनाओ "वह मुझे गन्दी बस्ती में ले कर गया" जो शहर का सबसे गंदा Area था जहां बहुत गरीब लोग रहते थे जहां बहुत Narrow गालियाँ थी और गन्दगी का ढेर लगा था। 

आगे जा के Corner पे उसने गन्दी बस्ती वाले दलाल से कुछ बात की और फिर दोनों मेरे पास आये, मेरे दलाल ने मेरे पास आके कहा इस बस्ती में 25 रुपये वाला माकन नहीं है।
'तो फिर कितने रुपये वाला मकान  है।
दलाल 16 रुपये वाला। 
तो 16 रुपये वाला ही दिखा दो,
16 रुपये वाला माकन भी नही है Anyway एक बात है वो तुम्हारे लायक नही है । मेरे लायक नही है मैंने गन्दी बस्ती वाले दलाल की तरफ देख कर पूछा, गन्दी बस्ती वाला दलाल अपनी दाढ़ी खुजा के बोला 'साहब इस खोली का किराया दर कल ही.....

बहुत अच्छा है खली तो होगी ?
हाँ खली तो होगी साहब। गन्दी बस्ती वाले दलाल ने ज़ोर से साँस लेते हुए बोला, मगर वो किराये दार अपनी ही तरह एक गरीब मज़दूर था।
और वो चूड़ियों के Factory में काम करता था "मज़दूर था तो क्या हुआ चुडिया बनता था चोरी थोड़ी न करता था 'नही साहब ये बात नही गन्दी बस्ती वाले दलाल ने कहा, काम करते करते और वही जलती हुई रेत फंकते फंकते वो बीमार हो गया,

तो इसमें क्या हर आदमी अपनी ज़िन्दगी में बीमार होता है और किसी न किसी रोज़ होता है, छह वो रेत फांकने से हो या ज़्यादा खाने से हो तुम समझे नहीं साहब 'गन्दी बस्ती वाले दलाल ने फिर अपनी थाई (जाँघ ) खुजाते हुए बोला बात यह है की इसको Fiver हो गया था, और इस खोली में पांच साल बीमार रहा और काम करता रहा अपने जीने के लिए लड़ता रहा क्योँ की  और इसके चार बच्चे थे और एक बीवी थी

जब वह मर गया तो उसके बीवी और बच्चों ने खोली खली कर गए, क्योँ की वह 16 रुपये किराया नही दे सकते थे और वह शहर से बाहर झोपड़ पट्टी (Slum) में रहने चले गए, इसी लिए मैं कहता हू के यह खोली आपके लायक नही, छोटी सी खोली थी Dark दीवारें थी चिड़चिड़ाता हुआ दरवाज़ा था Colorless दीवारें, कुण्डी (Hasp) खिड़की में बे रंग सलाखें मैंने बहार से नज़र हटा कर अंदर देखा तो एक कोने में पानी का नल नज़र आया जिसके मुह में गन्दा सा कपड़ा ठूसा हुआ था, फिर भी पानी उस से टप टप गिर रहा था जैसे ज़ख्म से Blood बहता है। 

फिर मुझे कोने में एक मिट्टी का गमला नज़र आया जिसमे गुलाब की बस एक शाख़ थी जिसमे सिर्फ एक फूल था एक Pink Rose था। यह क्या है गन्दी बस्ती वाला दलाल अपने पीले-पीले दन्त दिखाते हँसते हुए बोला "यह आपके लिए है साहब ''
यह मेरे लिए है मैंने Surprise होके पूछा ?
हाँ  साहब" यह आपके लिए है ''मरने वाले ने मरते वक़्त यह कहा था कि जो कोई मेरी जगह इस Room में आएगा उसे यह गमला दे देना ताकि वो इसकी मिट्टी में पानी डालता रहे ताकि यह गुलाब का पौधा हरा भरा रह सके ! पगला था वो..!

एका एक मेरी Body में बिजली सी दौड़ी और मुझे कंपकपी (shiver) सी हो गयी, मैंने उस अंधेरी सी दीवारो के बीच खड़े हो कर उस गुलाब के फूल को तकने लगा चारों तरफ Moisture, Suffocated और Hopelessness फूल अँधेरे में और गन्दगी में यह फूल अकेला और मकड़ी के लटकते हुए जालों, और बे-रंग दीवारों के बीच यह फूल खिला"
इंसान के दिल में उगता हुआ और इंसान के हौसले बहादुरी की तरह Problem से लड़ता हुआ 'और मौत पे हँसता हुआ ,पर फूल मर जायेगा
एक दिन यह फूल मर जायेगा, "मैंने सोचा" इस खोली की घुटन इस की खूबसूरती और सादगी इसे ख़तम कर देगी, अँधेरा इस का रंग रूप छीन लेगा, इस पर मकड़ी के जले फ़ैल जायेंगे। और यह सील हुई इस कमरे की दीवारें ताज़ी हवा रोक लेंगी, और यह फूल मर जायेगा, जैसे वह चूड़ी वाला मज़दूर मर गया था, लेकिन यह फूल ज़िन्दा रहेगा।

और हर रोज़ लाखो करोड़ों आदमियों के दिलों में खिलेगा, जो चूड़ी बनाते हैं जो दफ्तर (Office) जाते हैं, कारखाना चालते हैं और ईंट पर ईंट इस तरह रखते हैं जिस तरह मुहब्बत करने वाले Kiss पर Kiss करते जाते हैं यह फूल हर रोज़ इंसानो के दिलों में उगेगा, और ज़िन्दगी जीने का जादू जगाये गा ! यह फूल नही मर सकता। सोच लिया 

मेरी ज़िन्दगी का आगे पता नहीं क्या होगा खुद को ज़िंदा रखूंगा या नहीं पर उस वक़्त मैंने वही खोली किराये पर ले लिया और उस दिन से वहीँ रहता हूँ

No comments:

आपके कमेंट्स का हम हार्दिक स्वागत करते है। आपके सुझाव व मार्गदर्शन से हमारा हौसला और बढ़ेगा जिससे हम और बेहतर क़र सकेंगे !!धन्यवाद!!

Powered by Blogger.