Header Ads

Latest Post
recent

मिशन अपोलो 13 की कहानी अचानक जब ऑक्सीजन टैंक फट गया था

Story-of-Mission-Apollo-13-suddenly-when-oxygen-tank-was-torn-offमिशन अपोलो 13 की कहानी 1970 में Moon पर न पहुचने से Related है बहुत काम लोगों को याद है कि Moon  के कितने करीब पहुँचकर भी असहाय हो गयी जब अपोलो 13 स्पेस क्राफ्ट में आधी उड़न के बाद खराबी आ गयी बाद में 1995 में अपोलो मिशन के बारे में बनी मूवी में बुद्धिमानी के साथ पूरे Story को फिर से रचा गया  घटना को बहादुरी का ख़िताब पहनाया गया । 

मून पर जाने वाला अपोलो मिशन 13 अंतरिक्ष में काफी दूर तक पहुच चुका था और सारा System program ठीक से Progress कर रहा था अचानक जब Oxygen  टैंक फटने से Command module को बिजली सप्लाई बंद हो गई, अचानक ऐसा feel होने लगा था की पृथ्वी से 100000 मील दूर अंतरिक्ष में अपलो 13 के तीन सदस्यों ग्रुप अपने बचाव की सभी उम्मीदों को छोड़कर Helpless हो जाएगा । 

पहले Blast के एक मिनट के अंदर Condition और ख़राब हो गई और स्पेस क्राफ्ट का एक के बाद दूसरा System fail होने लगा । ह्यूस्टन के Mission control system के Scientist दुःख और अविश्वास से एक दूसरे को Sympathy देने लगे, Control room में खलबली मच गयी । 

केवल Flight director जीन कैट्ज के प्रयास ने टोली को एक जुट रखा जबकि उपकरण एक के बाद दूसरा हिस्सा काम करना बंद कर रहा था कैट्ज ने घबराये हुए सभी Scientist's को शांत किया और Flight के घबराये हुए सदस्यों से इस रिलैक्स भरी शब्द से पूछा : "हमारे पास जो क्राफ्ट में जो कुछ भी बचा है क्या वो पर्याप्त है ?

इस सवाल ने क्या बंद हो गया के बजाए "हमारा बचना न मुमकिन है" के जगह पर इस सवाल ने उनका माइंड अब अपने मिशन को बचाने के लिए अलर्ट हो गया और बचने का Planning बनाने में अपने Intelligence का उपयोग करने के रूप में बदल गया । 

कोई भी मिशन हो या मुश्किल हालात बने हमेशा Positive रहने की ज़रूरत है !

"हमारे पास जो क्राफ्ट में जो कुछ भी बचा है क्या वो पर्याप्त है ? इस सवाल है Flow ऐसा था की सबका माइंड क्या हो रहा है के बजाये क्या करना है में लग गया कैट्ज के सवाल इतना दम था की वह अपोलो 13 से जुड़े सभी लोगों के लिए Solution ढूंढने का Challenge बन गया बजाए Problem का हिस्सा बनने के !
इस घटना से यह साबित होता है की बुरे हालात में भी Positive माइंड होना ही नहीं बल्कि पूरी तरह निर्णायक भी होता है ख़राब Situation में चाहे वे Economic हो Physical हो या किसी अन्य प्रकार की हों या भावनात्मत समस्याओं से जुडी हों, Negative माइंड से बजाये Positive माइंड की और ज़्यादा अट्रैक्ट हो तो बेहतर है ताकि हरने जैसे हालात के में भी हमारी ही जीत हो ।
खुश रहे,सुरक्षित रहे, दूसरों की मदत करें

No comments:

आपके कमेंट्स का हम हार्दिक स्वागत करते है। आपके सुझाव व मार्गदर्शन से हमारा हौसला और बढ़ेगा जिससे हम और बेहतर क़र सकेंगे !!धन्यवाद!!

Powered by Blogger.