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जो मिले उसी में सुकून से ख़ुश रहना चाहिए : पढ़िए बैल और बकरी की ये छोटी सी कहानी

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वफादार बैल 

एक गाँव में एक किसान था वह खेती-बाड़ी करके अपने परिवार को पालता था खेती का काम वह ख़ुद ही करता था खेत जोतने के लिए उसने दो बैल रखे थे दोनों बैल बड़े ही वफादार थे किसान ने उन बैलों का नाम रखा था वह एक को कल्लू और दुसरे को मल्लू कहा करता था बैल खेती में इमानदारी से मेहनत करते सुबह उठ कर किसान बैलों को चारा-पानी देता खिला-पिला कर खेत जोतने के लिए ले जाने लगता तो बैल सीधे खेत पर पहुँचते हल के जुए (Yoke) अपनी गर्दन ख़ुद हे लगते और दिन भर जी-तोड़ मेहनत करते।
किसान के खेत की अच्छी जुताई होने के कारण भरपूर फसल होती धीरे-धीरे संपन्न हो गया किसान की एक लड़की थी लड़की की शादी में खाना बनवाने के लिए एक बकरी की ज़रूरत थी लेकिन किसान को ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ते इसलिए वह एक बकरी के बच्चे को पाल रहा था ताकि वह शादी तक बड़ा हो जाये इसलिए बैलों से ज्यादा बकरी को खिलाता पिलाता था, उसको Spacial खाना खिलाता था 

एक दिन कल्लू बैल ने मल्लू बैल से कहा - भाई''! मल्लू ! हम लोग किसान के खेतों की कितनी मेहनत करते हैं काम में ज़रा सा भी कोताही नहीं बरतते फिर भी किसान किसान हम लोगों का उतना ध्यान नहीं देता जितना उस बकरी का वह बकरी के बच्चे को Spicial खाना देता है, और हम लोगों के आगे बस भूसा या पुआल रख देता है अनाज हम लोग पैदा करते हैं खता है बकरी !

मल्लू बैल मुस्कुराया और बोला -भाई! कल्लू किसी की ज़्यादा आवभगत देख कर जलन मत करो अपन अरुखा सुखा भूसा अथवा पुआल चाव से खाओ यह मेहनत से पैदा किया हुआ अमृत के सामान है और बकरी बिना किसी मेहनत किये हुए आनाज खाना जहर के बराबर है कल्लू बोला -भाई ! तुम्हारी बात समझ में नहीं आई, ''मल्लू" फिर समझाया "बकरी"के बच्चे को spcial खाना देने के पीछे की एक ख़ास वजह है 

किसान बकरी को जल्दी जवान बनाना चाहता है तंदुरुस्त बनाना चाहता है ताकि उसके शारीर में ज़्यादा मांस बन सके किसान की बेटी को देख रहे हो वो सयानी होती जा रही है उसकी शादी में किसान बकरे को मार देगा और उसका मांस बारातियों के लिए खाना बनवायेगा यही वजह है कि वह बकरे को spicial खाना खिलाता है उस बकरी को क्या पाता लेकिन यह सत्य यही है तुम देखना सच्चाई तुम्हारी आँखों के सामने आ जाएगी ''कल्लू को सुन कर बहुत आश्चर्य हुआ" 

कुछ दिनों बाद मल्लू की बात सच निकली किसान की बेटी की बारात आई बरात वाले दिन बकरी को पकड़ कर लोगों ने बेरहमी से गला रेत दिया फिर उसे मार कर तरह-तरह का खाना बनाकर बारातियों को खिलाया गया मल्लू-ने कहा "भाई कल्लू" तूने देख लिया बकरी को मिलने वाले'भोजन का फल' हम लोगों का रुखा-सुखा भूसा और पुआल उस लहाने से बेहतर है लम्बी उम्र देने वाला है

इसलिए जो मिले उसी में Satisfaction करना चाहिए दूसरी की आवभगत खान-पान अथवा तरक्की देख कर Jealous नहीं होना चाहिए अपने कर्म का फल सबको उचित समय पर मिलता है    

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